30 की उम्र पार करते ही हो जाएं सावधान: पूर्णिया में बढ़ रहे दिल के मरीज, अस्पतालों में मुफ़्त ईसीजी जांच की सुविधा उपलब्ध
बदलते दौर में भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित जीवनशैली का सीधा असर लोगों के दिल पर पड़ रहा है। यही वजह है कि 30 वर्ष की आयु पार करते ही युवाओं और सामान्य लोगों में हृदय संबंधी परेशानियां तेजी से देखने को मिल रही हैं।
पूर्णिया: बदलते दौर में भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित जीवनशैली का सीधा असर लोगों के दिल पर पड़ रहा है। यही वजह है कि 30 वर्ष की आयु पार करते ही युवाओं और सामान्य लोगों में हृदय संबंधी परेशानियां तेजी से देखने को मिल रही हैं। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पूर्णिया स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर के प्रखंड अस्पतालों में नियमित ईसीजी जांच और निगरानी तेज कर दी है।
अगस्त 2025 से अब तक 35 हजार से अधिक जांच
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 से सितंबर 2026 के बीच जिले में रिकॉर्ड 35,213 लोगों की हृदय जांच (ECG) की जा चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि समय पर बीमारी का पता चलने से मरीज का इलाज आसान हो जाता है और असामयिक मौत के खतरे को टाला जा सकता है।
सीने में दर्द या सांस फूलने को न करें नजरअंदाज
जिला गैर-संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि 30 की उम्र के बाद लोगों की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली दिल की बीमारियों का मुख्य कारण बन रही है। यदि आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से संपर्क करें:
सीने में तेज या हल्का दर्द
घबराहट होना या चक्कर आना
दिल की धड़कन का बहुत तेज या धीमा होना
बिना ज्यादा काम किए सांस फूलना
हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या लंबे समय से धूम्रपान की आदत
डॉ. सिंह के अनुसार, ये लक्षण दिल का दौरा (हार्ट अटैक) या हृदय की लय (हार्ट रिदम) बिगड़ने के संकेत हो सकते हैं।
सभी प्रखंड अस्पतालों में ईसीजी मशीनें कार्यरत
सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि 30 साल से अधिक उम्र के हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार अपने दिल की जांच जरूर करानी चाहिए। उन्होंने कहा:
"जिले के सभी प्रखंड अस्पतालों में ईसीजी मशीनें पूरी तरह से चालू हैं और वहां प्रशिक्षित स्टाफ तैनात हैं। ईसीजी के माध्यम से दिल की धड़कन और अन्य समस्याओं की सटीक पहचान कर मरीजों को तुरंत आवश्यक डॉक्टरी सलाह और उपचार मुहैया कराया जा रहा है।"