तस्करी का पर्दाफाश: बंगाल से लाई जा रही 505 बोरी अवैध DAP खाद जब्त, माफियाओं में मचा हड़कंप!

क्षेत्र में खाद माफियाओं और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कृषि विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पूर्णिया पूर्व प्रखंड के बियारपुर पंचायत स्थित उचितपुर गांव में शुक्रवार को कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

तस्करी का पर्दाफाश: बंगाल से लाई जा रही 505 बोरी अवैध DAP खाद जब्त, माफियाओं में मचा हड़कंप!

प्रशासन की सर्जिकल स्ट्राइक: ट्रक जब्त, 'मुख्तार खाद बीज भंडार' के प्रोपराइटर पर FIR और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
पूर्णिया: क्षेत्र में खाद माफियाओं और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कृषि विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पूर्णिया पूर्व प्रखंड के बियारपुर पंचायत स्थित उचितपुर गांव में शुक्रवार को कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। सदर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (एसडीएओ) बेबी कुमारी के नेतृत्व में मुफस्सिल थाना पुलिस के साथ की गई इस गुप्त छापेमारी में पश्चिम बंगाल से अवैध रूप से लाई जा रही डीएपी (DAP) खाद से लदे एक ट्रक को रंगे हाथों जब्त किया गया।  
सटीक इनपुट पर बिछाया गया जाल
विभागीय सूत्रों के अनुसार, कृषि अधिकारी को गुप्त सूचना मिली थी कि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से अवैध डीएपी खाद की एक बहुत बड़ी खेप पूर्णिया की सीमा में खपाने के लिए लाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ उचितपुर गांव में घेराबंदी कर त्वरित कार्रवाई की गई। मौके से ट्रक पर लदी करीब 505 बोरी अवैध डीएपी खाद बरामद की गई।  
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जब्त की गई सभी 505 बोरियों को तुरंत कब्जे में लेकर रानीपतरा स्थित एक पंजीकृत खाद विक्रेता के गोदाम में सुरक्षित रखवा दिया गया है, ताकि माल के साथ कोई हेरफेर न हो सके।  
'मुख्तार खाद बीज भंडार' पर कड़ा एक्शन
मामले की जानकारी देते हुए एसडीएओ बेबी कुमारी ने बताया कि शुरुआती जांच में इस अवैध खेप का कनेक्शन 'मुख्तार खाद बीज भंडार' के प्रोपराइटर कैमुल हक से जुड़ा पाया गया है।  
एसडीएओ का सख्त संदेश:
"अवैध रूप से कालाबाजारी के उद्देश्य से लाई गई इस खाद के मामले में आरोपी दुकानदार के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है। साथ ही, दुकान का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।"
इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे इलाके के अवैध खाद कारोबारियों और बिचौलियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन के इस सख्त रुख से साफ है कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।