अररिया में गूंजा मीट प्रोसेसिंग यूनिट्स का मुद्दा: ग्रामीणों के विरोध के बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने दिए जांच के कड़े निर्देश
फारबिसगंज (अररिया): अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत हरिपुर पंचायत सरकार भवन परिसर में मंगलवार को आयोजित जन सहयोग शिविर और जनसभा में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने सिमराहा थाना क्षेत्र में चल रहे और प्रस्तावित मीट प्रोसेसिंग प्लांट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंच के सामने पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन कर उनका ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचा।
आबादी के बीच मीट प्लांट से घुट रहा दम, बीमारी का खतरा
सभा स्थल पर पहुंचे ग्रामीणों का आरोप था कि घनी आबादी के बेहद करीब चल रही इन मीट प्रोसेसिंग इकाइयों के कारण पूरे इलाके में भारी दुर्गंध फैल रही है। इससे न सिर्फ पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि स्थानीय जल स्रोत भी दूषित हो रहे हैं, जिससे महामारी और जनस्वास्थ्य पर गहरा संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि वे लंबे समय से इस अवैध कारोबार के खिलाफ शिकायत कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन अब तक मूकदर्शक बना हुआ था। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
सांसद प्रदीप सिंह ने भी मंच से उठाई जनता की आवाज
जनता के इस आक्रोश को देखते हुए अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने भी मंच से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से कहा कि स्थानीय नागरिकों की शिकायतें पूरी तरह जायज हैं। मीट प्लांट से निकलने वाली बदबू और गंदगी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सांसद ने उपमुख्यमंत्री से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर उचित कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया।
डिप्टी सीएम का ऑन द स्पॉट एक्शन
मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से ही ऑन द स्पॉट एक्शन लिया। उन्होंने अररिया के जिला पदाधिकारी (डीएम) विनोद कुमार दुहन को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि:
अगर कोई भी मीट प्रोसेसिंग यूनिट बिना वैध लाइसेंस या अवैध रूप से चल रही है, तो उसे तत्काल बंद कराकर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पर्यावरण प्रदूषण, जल स्रोतों की बर्बादी और ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों की जांच संबंधित विभागों तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से कराई जाए।
यदि जांच में जरा सी भी गड़बड़ी पाई जाती है, तो नियमों के तहत सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं।
सालों पुराने विवाद में अब न्याय की उम्मीद
डिप्टी सीएम के इस कड़े रुख और ऑन द स्पॉट निर्देश के बाद जनसभा में मौजूद हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री के स्तर पर इस गंभीर मुद्दे को सार्वजनिक रूप से सुना गया है। जिला प्रशासन को मिले स्पष्ट और सख्त निर्देशों के बाद अब वर्षों से लंबित इस समस्या के स्थाई समाधान की उम्मीद जाग गई है।