बिहार के सरकारी स्कूलों में बदला जितिया की छुट्टी का कैलेंडर: शिक्षा मंत्री के निर्देश पर 5 की जगह 3 अक्टूबर को रहेगा अवकाश
बिहार के सरकारी स्कूलों में जीवित्पुत्रिका (जीउतिया) व्रत की छुट्टी की तारीख को लेकर महिला शिक्षिकाओं के लंबे इंतजार और विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर विभाग ने अवकाश तालिका में संशोधन करते हुए अब 5 अक्टूबर के बजाय 3 अक्टूबर को जीवित्पुत्रिका व्रत की छुट्टी देने का निर्णय लिया है।
पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में जीवित्पुत्रिका (जीउतिया) व्रत की छुट्टी की तारीख को लेकर महिला शिक्षिकाओं के लंबे इंतजार और विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर विभाग ने अवकाश तालिका में संशोधन करते हुए अब 5 अक्टूबर के बजाय 3 अक्टूबर को जीवित्पुत्रिका व्रत की छुट्टी देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पूर्व में तय 5 अक्टूबर के अवकाश को निरस्त कर दिया गया है।
शिक्षिकाओं की मांग पर लिया गया फैसला
बिहार सरकार द्वारा जारी वर्ष 2026 की छुट्टियों के कैलेंडर में जितिया पर्व का अवकाश 5 अक्टूबर को दर्ज था। इसे लेकर महिला शिक्षिकाओं में असमंजस और नाराजगी व्याप्त थी। शिक्षिकाओं का तर्क था कि संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाने वाला यह निर्जला व्रत बेहद कठिन होता है और पर्व की तैयारियों के मद्देनजर सही तिथि पर छुट्टी मिलना आवश्यक है। इस संबंध में शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग को ज्ञापन देकर तिथि संशोधन की गुहार लगाई थी।
पंचांग की तिथियों पर भी बना हुआ है भ्रम
हालांकि शिक्षा मंत्री के निर्देश से महिला शिक्षिकाओं को बड़ी राहत मिली है, लेकिन पंचांगों के क्षेत्रीय अंतर के कारण जितिया की मुख्य तिथि को लेकर अभी भी चर्चा जारी है। कुछ पारंपरिक पंचांगों के अनुसार:
3 अक्टूबर: नहाय-खाय
4 अक्टूबर: मुख्य निर्जला व्रत
5 अक्टूबर: पारण
विभागीय आदेश के बाद अब छुट्टियों के आधिकारिक संशोधित कैलेंडर से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है। महिला शिक्षिकाओं के दबाव में लिया गया यह फैसला राज्य के स्कूली अवकाश प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।