संसद का पहला दिन: 'दोतरफा' ओवरकोट पहनकर पहुंचे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, पीठ पर लिखा— "राम नाम की लूट मची है, अंधेर नगरी चौपट राजा"

पूरे शोर-शराबे के बीच सबसे ज्यादा ध्यान खींचा बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के अनोखे अंदाज ने। सोमवार को पप्पू यादव संसद परिसर में एक ऐसा ओवरकोट पहनकर पहुंचे, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और मीडिया के कैमरे उनके पीछे लग गए।

संसद का पहला दिन: 'दोतरफा' ओवरकोट पहनकर पहुंचे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, पीठ पर लिखा— "राम नाम की लूट मची है, अंधेर नगरी चौपट राजा"

पूर्णिया संसद पप्पू यादव : संसद के मानसून सत्र का पहला ही दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। लेकिन इस पूरे शोर-शराबे के बीच सबसे ज्यादा ध्यान खींचा बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के अनोखे अंदाज ने। सोमवार को पप्पू यादव संसद परिसर में एक ऐसा ओवरकोट पहनकर पहुंचे, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और मीडिया के कैमरे उनके पीछे लग गए।

एक कोट, दो रंग और तीखे सियासी तीर

पप्पू यादव का यह ओवरकोट आगे से सफेद और पीछे से केसरिया रंग का था, जिस पर सरकार को घेरते हुए कई तीखे स्लोगन लिखे हुए थे।

  • कोट के पीछे लिखा था: "चंदा चोरी पर सरकार मौन क्यों? इस महाघोटाले का मास्टरमाइंड कौन? आस्था का सौदा मंजूर नहीं, दोषियों को जेल भेजो। भगवान के नाम पर व्यापार, शर्म करो सरकार। राम नाम की लूट मची है, अंधेर नगरी चौपट राजा।"

  • कोट के आगे लिखा था: आगे के हिस्से में नीट (NEET) पेपर लीक और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया गया था। स्लोगन के जरिए मांग की गई कि सरकार पेपर लीक करके युवाओं और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करे।

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी पर बड़ा हमला

संसद की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा तंज कसा। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा:

"प्रधानमंत्री जी को अपनी निजी गरिमा का ख्याल न हो तो कम-से-कम पद की मर्यादा रखना चाहिए। वैसे मैं पीएम साहब की बात कर रहा हूं किसी 76 साल के बच्चे की नहीं जिसे मर्यादा/गरिमा की समझ न हो।"

विपक्ष के चौतरफा वार से 6 बार स्थगित हुई सदन की कार्यवाही

मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने नीट पेपर लीक, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और सोनम वांगचुक के अनशन जैसे मुद्दों को लेकर संसद में जमकर बवाल काटा। हंगामा इतना बढ़ा कि स्पीकर ओम बिड़ला को सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। पूरे दिन में लोकसभा और राज्यसभा दोनों को 6 बार स्थगित करना पड़ा।

विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने सरकार को इस तरह घेरा:

नेता का नाम प्रमुख बयान / आरोप
मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस) जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों की आवाज को लाठी के बल पर दबाया जा रहा है।
प्रियंका गांधी (कांग्रेस) बच्चे बीमार हैं और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। हम शिक्षा नीति और उससे जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं, लेकिन सरकार भाग रही है।
शशि थरूर (कांग्रेस) बच्चे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, उन पर लाठी चलाना बिल्कुल जरूरी नहीं था।

पीएम मोदी ने कहा- 'सत्र हो प्रो-ऐक्टिव'

दूसरी तरफ, हंगामे के बीच सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने सकारात्मक रुख की उम्मीद जताते हुए कहा, "मानसून और मानसून सत्र दोनों प्रो-ऐक्टिव (सक्रिय) हों, तो दोनों बहुत प्रोडक्टिव (उत्पादक) होते हैं।" हालांकि, पहले दिन के माहौल को देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगा।