बिहार में 'कुदरत का ट्रिपल अटैक': 19 जिलों में झमाझम बारिश, 40 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; IMD का बड़ा अलर्ट

बिहार के लोगों के लिए अगले 48 से 72 घंटे भारी साबित हो सकते हैं। राज्य में एक बार फिर कुदरत का 'ट्रिपल अटैक' देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पटना समेत राज्य के 19 जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का अलर्ट जारी किया है।

बिहार में 'कुदरत का ट्रिपल अटैक': 19 जिलों में झमाझम बारिश, 40 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; IMD का बड़ा अलर्ट

पटना | डिजिटल डेस्क
बिहार के लोगों के लिए अगले 48 से 72 घंटे भारी साबित हो सकते हैं। राज्य में एक बार फिर कुदरत का 'ट्रिपल अटैक' देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पटना समेत राज्य के 19 जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, राज्य के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
इन 19 जिलों में मंडरा रहा खतरा
मौसम विभाग की लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, दक्षिण और मध्य बिहार के जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे। हाई अलर्ट वाले प्रमुख जिलों में पटना, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद और अरवल।
प्रभावित क्षेत्र: नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, जमुई, बांका, भागलपुर, मुंगेर और खगड़िया।इन जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और कुछ इलाकों में वज्रपात की सीधी चेतावनी दी गई है।
क्यों बदला बिहार का मौसम?
IMD पटना केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय स्तर पर बन रहे चक्रवातीय सिस्टम के कारण राज्य के वायुमंडल में अचानक बदलाव आया है। यही वजह है कि अचानक काले बादलों की आवाजाही के साथ तेज हवाएं और बारिश की स्थिति बन रही है।
प्रशासन की अपील: बरतें ये सावधानियां
खराब मौसम और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने एडवाइजरी जारी की है।
पेड़ों और खंभों से दूर रहें: आंधी-पानी के दौरान बड़े पेड़ों, होर्डिंग्स या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों।
पक्के मकान में लें शरण: बारिश या बादलों की गड़गड़ाहट शुरू होते ही खुले मैदानों या खेतों से निकलकर सुरक्षित पक्के ढांचे में चले जाएं।
किसान रखें ध्यान: तेज हवाओं के कारण कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें और कीटनाशक का छिड़काव फिलहाल टाल दें।