पूर्णिया में मातम: आंध्र प्रदेश से लौटे एक और मजदूर की मौत, 'सिलिकोसिस' के खौफ से कांप उठा जियनगंज गांव

आंध्र प्रदेश की एक फैक्ट्री में पत्थर घिसाई का काम करने गए बिहार के पूर्णिया जिले के मजदूरों के लिए वहां की धूल 'काल' बन गई है। कसबा प्रखंड के जियनगंज गांव में बीमारी से दम तोड़ने वाले मजदूरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

पूर्णिया में मातम: आंध्र प्रदेश से लौटे एक और मजदूर की मौत, 'सिलिकोसिस' के खौफ से कांप उठा जियनगंज गांव

पूर्णिया: आंध्र प्रदेश की एक फैक्ट्री में पत्थर घिसाई का काम करने गए बिहार के पूर्णिया जिले के मजदूरों के लिए वहां की धूल 'काल' बन गई है। कसबा प्रखंड के जियनगंज गांव में बीमारी से दम तोड़ने वाले मजदूरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) में इलाजरत एक और गंभीर रूप से बीमार मजदूर सरवन कुमार (पिता- लालू ऋषि) ने दम तोड़ दिया। इस ताजा मौत के साथ ही पिछले डेढ़ महीने के भीतर जान गंवाने वाले मजदूरों की कुल संख्या बढ़कर 6 हो गई है. इस घटना के बाद से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है।
फेफड़ों में जमी पत्थर की धूल
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, करीब दो साल पहले जियनगंज और उसके आसपास के इलाकों से दर्जनों युवाओं को गांव के ही एक स्थानीय ठेकेदार के जरिए आंध्र प्रदेश भेजा गया था। वहां एक फैक्ट्री में इन मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा मानकों के पत्थर की घिसाई और टैल्कम पाउडर बनाने का काम लिया जाता था।
परिजनों का गंभीर आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन और ठेकेदार ने मजदूरों को मास्क या कोई अन्य सुरक्षा उपकरण (PPE Kits) मुहैया नहीं कराए। इसके कारण काम के दौरान उड़ने वाली पत्थर की बेहद महीन धूल (सिलिका) सांस के जरिए मजदूरों के फेफड़ों में जमा हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, फेफड़ों में धूल के इस घातक जमाव के कारण ही मजदूर गंभीर रूप से बीमार हुए, जिसे आमतौर पर सिलिकोसिस (Silicosis) कहा जाता है।
डेढ़ महीने में उजड़ गए 6 घर, गांव में पसरा सन्नाटा
बीमारी जब जानलेवा स्तर पर पहुंच गई, तो मजदूर किसी तरह अपने गांव लौटे। लेकिन यहां आकर भी उन्हें राहत नहीं मिली और एक-एक कर उनकी सांसें टूटती गईं।  शुक्रवार को पटना में हुई सरवन की मौत के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच (GMCH) पूर्णिया भेज दिया है ताकि मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा हो सके।
फरार ठेकेदार की तलाश में पुलिस, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद जियनगंज और आस-पास के ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का सीधा आरोप है कि मोटी कमीशन और चंद पैसों के लालच में ठेकेदार ने गांव के सीधे-साधे युवाओं को मौत के कुएं में धकेल दिया। घटना के बाद से ही आरोपी ठेकेदार गांव से फरार है। इधर, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और दोषी ठेकेदार व फैक्ट्री मालिक पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है