बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा मुश्किल! 1 अगस्त से बिना 'ट्रेनिंग सर्टिफिकेट' नहीं मिलेगा DL, लागू होने जा रहा है यह बड़ा नियम

राज्य सरकार अब लर्निंग या परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मान्यता प्राप्त मोटर ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) लेना अनिवार्य करने जा रही है।

बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा मुश्किल! 1 अगस्त से बिना 'ट्रेनिंग सर्टिफिकेट' नहीं मिलेगा DL, लागू होने जा रहा है यह बड़ा नियम

बिहार में अब ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह बदलने जा रही है। अगर आप भी नई गाड़ी खरीदने या अपना नया लाइसेंस बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। राज्य सरकार अब लर्निंग या परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मान्यता प्राप्त मोटर ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) लेना अनिवार्य करने जा रही है।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि यह नियम सिर्फ कमर्शियल (व्यावसायिक) गाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि निजी दोपहिया (बाइक/स्कूटी) और चार पहिया (कार) वाहनों पर भी समान रूप से लागू होगा। परिवहन विभाग में इस नई व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज हैं और इसे 1 अगस्त 2026 से पूरे सूबे में लागू किए जाने की संभावना है।
जानिए, कितने दिनों की ट्रेनिंग होगी जरूरी?
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, अब आप सीधे जिला परिवहन कार्यालय (DTO) जाकर लाइसेंस के लिए टेस्ट नहीं दे पाएंगे। आवेदन करने से पहले आपको सरकारी या परिवहन विभाग से मान्यता प्राप्त निजी ड्राइविंग स्कूल से ट्रेनिंग पूरी करनी होगी:
निजी दोपहिया और चार पहिया वाहन: 21 दिनों की अनिवार्य ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट।
हैवी और कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहन: 30 दिनों की अनिवार्य ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट (जो वर्तमान में भी लागू है)।
नियम का मुख्य उद्देश्य: सरकार का लक्ष्य सड़क पर उतरने वाले हर चालक को ट्रैफिक नियमों, सड़क सुरक्षा की बारीकियों और दुर्घटना से बचाव के उपायों की व्यावहारिक (Practical) जानकारी देना है, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
बैठक में लग चुकी है मुहर
इस नए नियम को अमलीजामा पहनाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बिहार मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल ओनर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मोहम्मद मोईनुद्दीन (प्रोपराइटर, परफेक्ट मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल, इमलीचट्टी) के अनुसार, बीते 3 जुलाई को पटना में परिवहन आयुक्त आसिफ अहसन व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग चुकी है।
क्या है वर्तमान व्यवस्था और अधिकारियों का क्या है कहना?
वर्तमान में (जैसे मुजफ्फरपुर जिले में) निजी वाहनों के लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन टेस्ट और परमानेंट लाइसेंस के लिए पताही हवाई अड्डा परिसर स्थित ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट देने की व्यवस्था चल रही है। एमवीआई राकेश रंजन ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर रही है, लेकिन नया नियम लागू होने से सिस्टम में पारदर्शिता और सड़क सुरक्षा दोनों में भारी इजाफा होगा।मुजफ्फरपुर की डीटीओ प्रियंका सिन्हा ने बताया कि निजी वाहनों के लिए मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का सर्टिफिकेट अनिवार्य करने की चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, विभाग या सरकार की तरफ से अभी तक मुजफ्फरपुर कार्यालय को कोई आधिकारिक लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही इसकी अधिसूचना (Notification) जारी होगी, इसे जिले में सख्ती से लागू कर दिया जाएगा।