KK पाठक की बिहार वापसी की चर्चा तेज: क्या जूनियर बैच के चीफ सेक्रेटरी के अंडर संभालेंगे कमान या मिलेगी नई जिम्मेदारी?
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1990 बैच के कड़क अधिकारी केके पाठक की बिहार में संभावित वापसी को लेकर प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट काफी तेज हो गई है। हाल ही में सितंबर 2026 में वे केंद्रीय कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के रूप में बिहार आए थे, जहां उन्होंने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के साथ प्रशासनिक सुधारों, डिरेगुलेशन और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की थी।
K.k. pathak: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1990 बैच के कड़क अधिकारी केके पाठक की बिहार में संभावित वापसी को लेकर प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट काफी तेज हो गई है। हाल ही में सितंबर 2026 में वे केंद्रीय कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के रूप में बिहार आए थे, जहां उन्होंने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के साथ प्रशासनिक सुधारों, डिरेगुलेशन और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक के बाद से ही उनकी राज्य में वापसी और दोबारा शिक्षा विभाग की कमान संभालने की अटकलें लगाई जा रही हैं।हालांकि, उनकी संभावित वापसी के साथ ही ब्यूरोक्रेसी में एक नया प्रशासनिक व वरिष्ठता का समीकरण चर्चा में आ गया है।
वरिष्ठता (Seniority) का पेंच
केके पाठक 1990 बैच के अधिकारी हैं, जबकि राज्य के मौजूदा मुख्य सचिव (CS) प्रत्यय अमृत 1991 बैच के अधिकारी हैं। यदि केके पाठक किसी विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) के रूप में लौटते हैं, तो उन्हें पदानुक्रम के अनुसार अपने जूनियर बैच के अधिकारी (मुख्य सचिव) के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करना होगा।
शिक्षा विभाग में कड़े फैसलों का दौर
पाठक जून 2023 से जनवरी 2024 तक बिहार शिक्षा विभाग के ACS रह चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वे दफ्तर में बैठने के बजाय लगातार फील्ड में रहे, कड़े फैसले लिए और शिक्षकों की उपस्थिति व विभागीय अनुशासन में बड़ा बदलाव लाया था।
संभावित पदों के विकल्प
विश्लेषकों और जानकारों के अनुसार, केके पाठक को केवल शिक्षा विभाग या ACS के पद तक सीमित देखना जल्दबाजी होगी। उनके लिए विकास आयुक्त (Development Commissioner) का पद भी एक विकल्प हो सकता है, जो वरिष्ठ अधिकारियों को व्यापक समन्वय की जिम्मेदारी देने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा, सरकार द्वारा उन्हें मुख्य सचिव के स्तर की कोई अन्य भूमिका देने पर भी चर्चाएं जारी हैं।
फिलहाल केके पाठक की बिहार वापसी या किसी खास विभाग में तैनाती को लेकर बिहार सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश या संकेत जारी नहीं किया गया है। लेकिन केंद्र और राज्य के बीच बढ़ती बैठकों और केके पाठक के अनुभव को देखते हुए, नौकरशाही के इस नए घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।