दक्षिणेश्वर काली मंदिर का भव्य गुंबद भीषण वज्रपात से फटा!'... खबर पढ़कर चौंकिए मत, पढ़ें पूर्णिया में कैसे टूटा कुदरत का कहर
दक्षिणेश्वर काली
कोलकाता के सुप्रसिद्ध दक्षिणेश्वर काली मंदिर का भव्य गुंबद भीषण वज्रपात से फट गया!'... इस खबर को पढ़कर अगर आपके होश उड़ गए हैं, तो ज़रा ठहरिए और राहत की सांस लीजिए।तबाही का यह खौफनाक मंज़र कोलकाता में नहीं, बल्कि बिहार के पूर्णिया में देखने को मिला है! यहाँ भटोत्तर गाँव स्थित 131 साल पुराने ऐतिहासिक श्यामा काली मंदिर में—जिसे हूबहू कोलकाता के दक्षिणेश्वर मंदिर की तर्ज पर रूप दिया जा रहा है—शनिवार सुबह 7 बजे कुदरत का कहर टूट पड़ा। 108 फीट की ऊँचाई पर कड़कड़ाती आकाशीय बिजली सीधे मुख्य शिखर पर जा गिरी, जिससे मंदिर का नक्काशीदार मध्य गुंबद ज़ोरदार धमाके के साथ फट गया। गनीमत रही कि उस वक़्त मंदिर परिसर में लोगों की मौजूदगी कम थी, वरना पलक झपकते ही एक दर्दनाक हादसा हो सकता था।
अजीब संयोग से सहमे लोग
ग्रामीणों के अनुसार, ठीक पिछले साल भी शनिवार के ही दिन मंदिर के पास वज्रपात हुआ था। लगातार दूसरे साल शनिवार को ही दोबारा ठनका गिरने से इलाके में हैरानी और दहशत का माहौल है।
131 साल पुराना इतिहास
इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण 1995 में कराया गया था। पिछले तीन वर्षों से इसे कोलकाता के प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर भव्य रूप दिया जा रहा था। हादसे के बाद मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोग इसे धार्मिक अनुष्ठान की त्रुटि मान रहे हैं, तो वहीं अधिकांश लोग मंदिर के शिखर पर मजबूत तड़ित चालक (लाइटनिंग एरेस्टर) न होने को मुख्य वजह बता रहे हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मंदिर प्रबंधन से क्षतिग्रस्त गुंबद की तत्काल मरम्मत कराने और भविष्य में इस ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा के लिए मजबूत तड़ित-रोधी उपकरण लगाने की मांग की है।