पटना में दुस्साहस: पप्पू यादव के समर्थकों पर सरकारी कर्मचारी को पीटने का आरोप, पिस्तौल की बट से फोड़ा सिर

बिहार की राजधानी पटना में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के समर्थकों पर एक सरकारी कर्मचारी के साथ जमकर मारपीट करने और पिस्तौल की बट से हमला कर उनका सिर फोड़ने का गंभीर आरोप लगा है

पटना में दुस्साहस: पप्पू यादव के समर्थकों पर सरकारी कर्मचारी को पीटने का आरोप, पिस्तौल की बट से फोड़ा सिर

बिहार की राजधानी पटना में लोक-सिस्टम को ठेंगा टोकन वाला दबंगई का एक मामला सामने आया है। पूर्णिया में एक सरकारी कर्मचारी पर कोचिंग और लाइब्रेरी बनाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस हमले में कर्मचारी बुरी तरह घायल हो गया। घटना के बाद पीड़ित ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने समुद्र तट पर कब्जा कर लिया।

पूरा मामला क्या है?

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना पटना के एक बसेरे इलाके की घाटी है। पीड़ित सरकारी कर्मचारी किसी सरकारी कर्मचारी या आधिकारिक काम से निकले थे, यही बात लेकर सलमान यादव की पूछताछ से उनकी हत्या हो गई। बहस की असमानता ही असहमति के नेता बदल गए। पीड़ित का आरोप है कि उसने खुद को न्यूनतम का विषैला बताया, न केवल उनके साथ बदसलूकी और सड़क-सच्चे की, बल्कि उस पर भी जानलेवा हमला किया।

विवाद में एक नाबालिग ने अपनी कमर से गोली मारकर सीधे कर्मचारी के सिर पर अपना बट (हैंडल) से अलग वार कर दिया। हमलों में कर्मचारियों के मुखिया की हत्या कर दी गई और उसे कहीं गिरफ़्तार कर दिया गया।

लुहुलुहान इवेंट स्टेशन पर पीड़ित

घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों और स्थानीय प्रशासन की मदद से घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके सिर पर टैंक लगाए गए। प्राथमिक उपचार के बाद पीड़ित सरकारी कर्मचारी अपने बंधकों के साथ लिखित शिकायत दर्ज करें। पीड़ित ने पुलिस को पूरी तरह से आपबीती सुनाते हुए चार से जल्द ही एक अपराधी की मांग की है।

पुलिस जांच एवं कानूनी कार्रवाई

मामले की जांच पर नजर पुलिस ने पीड़ित की हत्या की जांच के लिए आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के पास इलाक़े के इलाक़े (सीसीटीवी) में आतंकवादियों की पहचान हो रही है और उनकी संपत्ति पर सामान दिया जा रहा है।

वकील का दावा: "सरकारी कंपनी की याचिका पर मामला दर्ज किया गया है। मेडिकल रिपोर्ट और मशीन से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अपने हाथों से कानूनी कार्रवाई करने वालों और हथियार उठाने वालों को किसी कीमत पर भी नहीं दिया जाएगा।"

इस घटना के बाद स्थानीय सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को भारी छूट दी गई है। कर्मचारी संघों ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की आपातकालीन भर्ती नहीं हुई तो वे कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। वहीं, इस मामले में अब तक सांसद प्रतिनिधि यादव या उनके प्रतिनिधि की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।