बिहार में स्वास्थ्य क्रांति की आहट: 'जांच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार' अभियान का शुभारंभ; 6 करोड़ लोगों की होगी मुफ्त जांच

बिहार सरकार ने आम जनमानस तक सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य भर में गैर-संचारी रोगों (NCDs) के समय पर निदान और उपचार के लिए "जांच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार" नामक व्यापक राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की गई है।

बिहार में स्वास्थ्य क्रांति की आहट: 'जांच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार' अभियान का शुभारंभ; 6 करोड़ लोगों की होगी मुफ्त जांच

पटना: बिहार सरकार ने आम जनमानस तक सुगम और आधुनिक स्वास्थ्य आश्रम आश्रम की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य भर में गैर-संचारी बिल्डरों (एनसीडी) के समय पर निदान और उपचार के लिए "जांच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार" नामक व्यापक राज्य सहसंबंध अभियान की शुरुआत की गई है।

पटना स्थित ऊर्जा ऊर्जा संग्रहालय से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने संयुक्त रूप से जागरुकता रथों को हरी झंडी दिखाकर इस महाअभियान की शुरुआत की।

अभियान की मुख्य बातें:

  • समय सीमा: 2 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक (कुल 3 महीने)।

  • लक्ष्य: राज्य के सभी 38 स्मारकों में 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के 6 करोड़ स्मारक

  • नेटवर्क: प्रदेश से लगभग 14,500 स्वास्थ्य एवं कल्याण सेवाएं (HWC) इस अभियान से जुड़ी हैं।

आख़िर की होगी मुफ़्त जांच और इलाज?

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य साइलेंट किलर मणि जाने वाली चुनौती के शुरुआती चरण में ही पहचानना है:

  • सामान्य बीमारियाँ: डायबिटीज (मधुमेह), उच्च रक्तचाप (हाई बीपी), बीपी लिवर और हृदय रोग।

  • कैंसर की पहचान: मुख (मौखिक), स्तन (स्तन) और गर्भाशय ग्रीवा (सरवाइकल) कैंसर की पहचान: स्तन (स्तन) कैंसर की पहचान।

  • विशेष फोकस: महिलाओं और किशोरों में दांतों की जांच और फेफड़ों से जुड़े दांतों का परीक्षण।

ऐसी अंतिम सेवा आपके घर तक:

  1. डोर-टू-डोर सर्वे: आशा वर्कर और स्कॉलर (एएनएम) होम-हाउस एंसेल्स आधारित जोखिम आकलन फॉर्म (सीबीएसी) शामिल होंगे।

  2. ऑन-द-स्पॉट जांच: जोखिम श्रेणी में आने वाले लोगों की प्राथमिक जांच मेडिकल स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) द्वारा की जाएगी।

  3. मुफ़्त सलाह और टेली-कंसल्टेशन: 30 दिनों की सलाह दी जाएगी और आवश्यक सलाह विशेषज्ञ दार्शनिकों से ऑनलाइन परामर्श की व्यवस्था होगी।

  4. डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड: सभी मरीजों के स्वास्थ्य डेटा को उनकी 'आभा आईडी' से जोड़ा जाएगा, जिससे भविष्य में इलाज आसान हो सके।

सरकार के इस कदम से न केवल ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर सुधरेगा, बल्कि समय पर पता चलने वाली स्थिति से समय पर गंभीर स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं और झटके पर प्रभावी रोक लगाई जाएगी।