Ujjawla yojna: उज्ज्वला योजना में सरकार ने बदले नियम,अब चार सिलिंडरों पर ही मिलेगी सब्सिडी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी नियमों में बदलाव किया है। अब योजना के तहत सालाना नौ की जगह केवल चार सिलेंडर पर अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा...

Ujjawla yojna: उज्ज्वला योजना में सरकार ने बदले नियम,अब चार सिलिंडरों पर ही मिलेगी सब्सिडी

Ujjawla yojna: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत के रसोई गैस बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी नियमों में बदलाव किया है। अब योजना के तहत सालाना नौ की जगह केवल चार सिलेंडर पर अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि बढ़ती लागत और तेल कंपनियों पर बढ़ रहे वित्तीय दबाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

उज्जवला योजना में बदलाव 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अब एक वित्तीय वर्ष में केवल पहले चार सिलेंडरों पर ही 300 रुपये प्रति सिलेंडर की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। इससे पहले अधिक संख्या में रिफिल पर यह लाभ उपलब्ध था। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। हालांकि सरकार ने यह भी कहा है कि उपभोक्ताओं को अभी भी बड़ी मात्रा में अप्रत्यक्ष सब्सिडी मिल रही है।

सरकार पर दबाव 

पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, वर्तमान परिस्थितियों में एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक लागत 1,600 रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं को यह सिलेंडर 942 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका मतलब है कि तेल विपणन कंपनियां प्रति सिलेंडर भारी नुकसान उठा रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, घरेलू एलपीजी पर होने वाला कुल अंडर-रिकवरी बोझ पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है और इसी वजह से सरकार को राहत उपायों पर विचार करना पड़ा।

उज्जवला और सामान्य उपभोक्ताओं में अंतर 

सरकार का दावा है कि उज्ज्वला और गैर-उज्ज्वला दोनों श्रेणियों के उपभोक्ताओं को अभी भी बड़ी राहत मिल रही है। सामान्य उपभोक्ता जहां वास्तविक कीमत की तुलना में लगभग 700 रुपये प्रति सिलेंडर का अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त कर रहे हैं, वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अतिरिक्त 300 रुपये की सीधी सब्सिडी भी मिलती है। इस तरह उज्ज्वला उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर लगभग 1,000 रुपये तक का लाभ मिल रहा है। सरकार के अनुसार, पहले चार सिलेंडरों पर मिलने वाला यह लाभ अब भी अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में काफी बड़ी राहत है।

यह है संकट की वजह

एलपीजी की कीमतों में उछाल के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव एक बड़ी वजह माना जा रहा है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में आपूर्ति प्रभावित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी के दाम तेजी से बढ़े हैं। फरवरी में जहां वैश्विक एलपीजी बेंचमार्क अपेक्षाकृत कम था, वहीं बाद के महीनों में इसमें लगभग 46 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका सीधा असर भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर पड़ा है, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाते हैं।