अब घर बैठे बनेगा आयुष्मान कार्ड! दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति, WhatsApp पर सिर्फ एक 'Hi' लिखते ही होंगे सारे काम

बिहार में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अब आयुष्मान कार्ड बनवाने, डाउनलोड करने या योजना से जुड़ी किसी भी अन्य सेवा के लिए अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अब घर बैठे बनेगा आयुष्मान कार्ड! दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति, WhatsApp पर सिर्फ एक 'Hi' लिखते ही होंगे सारे काम

पूर्णिया: बिहार में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अब आयुष्मान कार्ड बनवाने, डाउनलोड करने या योजना से जुड़ी किसी भी अन्य सेवा के लिए अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने आम जनता की सुविधा के लिए ‘आयुष्मान साथी’ नाम से एक आधिकारिक व्हाट्सऐप चैटबॉट लॉन्च किया है। इस चैटबॉट की मदद से लाभार्थी अब अपने मोबाइल के जरिए घर बैठे ही 24 घंटे और सातों दिन (24/7) जरूरी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
सिर्फ एक नंबर और पूरा काम आसान
आयुष्मान साथी' चैटबॉट को लाभार्थियों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को बेहद तेज और आसान बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आम लोगों को बस यह आसान प्रक्रिया अपनानी होगी। सबसे पहले अपने मोबाइल में 7290823838 नंबर को सेव करें।इसके बाद अपने व्हाट्सऐप (WhatsApp) पर जाकर इस नंबर पर "HI" लिखकर भेजें।मैसेज भेजते ही चैटबॉट तुरंत एक्टिव हो जाएगा और उपलब्ध सेवाओं की पूरी सूची आपके स्क्रीन पर आ जाएगी।
एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी ये 5 बड़ी सुविधाएं
पात्रता जांच और नया कार्ड: कोई भी व्यक्ति यह पता लगा सकता है कि वह इस मुफ्त इलाज योजना के योग्य है या नहीं। साथ ही नए आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन और ई-केवाईसी (e-KYC) भी यहीं से हो जाएगी। लाभार्थी अपना कार्ड सीधे मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा कार्ड को आधार या अन्य दस्तावेजों से लिंक या अनलिंक करने की सुविधा भी मिलेगी।बुजुर्गों के लिए 'वय वंदना कार्ड' के तहत70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग इस चैटबॉट के माध्यम से विशेष तौर पर शुरू किए गए 'आयुष्मान वय वंदना कार्ड' के लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।
अस्पतालों की खोज और क्लेम स्टेटस
आपके इलाके में योजना के तहत कौन-कौन से अस्पताल शामिल हैं, उनकी लिस्ट आसानी से खोजी जा सकती है। इसके साथ ही अपने वॉलेट का बैलेंस और क्लेम की स्थिति भी ट्रैक की जा सकती है। यदि किसी लाभार्थी को योजना का लाभ लेने में कोई परेशानी आती है, तो वह इसी चैटबॉट पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है, उसे ट्रैक कर सकता है या जरूरत पड़ने पर वापस ले सकता है।
समय और पैसे दोनों की होगी बचत
अधिकारियों के मुताबिक, 'आयुष्मान साथी' चैटबॉट पूरी तरह सुरक्षित और बेहद सरल है। इसके चौबीसों घंटे चालू रहने से न सिर्फ ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि दलालों या बिचौलियों के चक्कर से भी मुक्ति मिलेगी। इस डिजिटल कदम से सरकार की मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक और अधिक पारदर्शिता के साथ पहुंच सकेगा।