IAS कुंदन कुमार का ‘पूर्णिया मॉडल’ अब पूरे बिहार में मचाएगा धूम; CM सम्राट चौधरी ने दिया 15 अगस्त तक लागू करने का अल्टीमेटम

IAS कुंदन कुमार का क्रांतिकारी 'पूर्णिया लाइव क्लासेस' मॉडल अब 'बिहार लाइव क्लासेस' के नाम से पूरे राज्य में होगा लागू। CM सम्राट चौधरी ने 15 अगस्त तक का दिया समय। जानें कैसे सरकारी स्कूलों के बच्चे मुफ्त में करेंगे IIT-JEE और NEET की तैयारी।

IAS कुंदन कुमार का ‘पूर्णिया मॉडल’ अब पूरे बिहार में मचाएगा धूम; CM सम्राट चौधरी ने दिया 15 अगस्त तक लागू करने का अल्टीमेटम

पूर्णिया: बिहार के सरकारी स्कूलों की सूरत और सीरत बदलने के लिए एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया जा रहा है। पूर्णिया जिले में सरकारी स्कूल के बच्चों को हाई-टेक शिक्षा देने के लिए शुरू किया गया ‘पूर्णिया लाइव क्लासेस’ मॉडल अब पूरे राज्य में लागू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मॉडल की सफलता को देखते हुए इसे ‘बिहार लाइव क्लासेस’ के नाम से पूरे सूबे में लागू करने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों को इसके लिए 15 अगस्त तक का समय दिया गया है, ताकि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य के बच्चों को यह बड़ा तोहफा मिल सके।
क्या है यह डिजिटल क्रांति (पूर्णिया लाइव क्लासेस मॉडल)?
साल 2024 में पूर्णिया के तत्कालीन डीएम (और वर्तमान में पटना के डीएम) IAS कुंदन कुमार ने इस अनूठी पहल की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य दूर-दराज के गांवों में रहने वाले गरीब और सरकारी स्कूलों के बच्चों तक बेहतरीन शिक्षकों की पढ़ाई पहुंचाना था।
स्मार्ट सुविधाएं: इस प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों को लाइव क्लास, रिकॉर्डेड लेक्चर, डाउट क्लियरिंग सेशन और वीकली टेस्ट की सुविधा मिलती है।
IIT-JEE और NEET की तैयारी: इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी मुफ़्त में देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं (IIT और NEET) की तैयारी कर पा रहे हैं।
CM सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री के सामने हुआ लाइव डेमो
हाल ही में पटना के डीएम कुंदन कुमार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सामने इस मॉडल का एक लाइव डेमो पेश किया। पूर्णिया के जिला स्कूल से सीधे लाइव क्लास संचालित की गई, जिसमें पूर्णिया के वर्तमान डीएम अंशुल कुमार भी मौजूद रहे। इस बेहतरीन तकनीक और इसके प्रभाव को देखकर मुख्यमंत्री बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने तुरंत इसे पूरे बिहार में विस्तार देने का फैसला किया।
2 बार PM मोदी से सम्मानित हो चुके हैं IAS कुंदन कुमार
इस बेहतरीन मॉडल को तैयार करने वाले IAS कुंदन कुमार की कहानी युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक है। कुंदन कुमार ने अपने करियर की शुरुआत एक इंजीनियर के तौर पर की थी और मुंबई की एक नामी कंपनी में 5 साल तक नौकरी की। लेकिन देश सेवा के जज्बे के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी। साल 2009 में उन्होंने पहली बार UPSC क्रैक किया और IPS बने। उनका सपना IAS बनने का था, इसलिए उन्होंने दोबारा मेहनत की और साल 2012 में IAS बनकर दम लिया ।डिजिटल शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में अनोखे नवाचार (Innovations) करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें दो बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कर चुके हैं। अब देखना यह है कि 15 अगस्त के बाद जब यह मॉडल पूरे बिहार में लागू होगा, तो राज्य के सरकारी स्कूलों के बच्चों के भविष्य में कितना बड़ा बदलाव आता है।