बायसी के बच्चों का संवरेगा भविष्य: पूर्णिया में जिला संसाधन समूह का एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

आकांक्षी प्रखंड बायसी के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों की नींव मजबूत करने के उद्देश्य से एक दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन जिला स्कूल, पूर्णियाँ में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

बायसी के बच्चों का संवरेगा भविष्य: पूर्णिया में जिला संसाधन समूह का एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

पूर्णिया: आकांक्षी खंड बायसी के प्राथमिक शिक्षण संस्थान में बच्चों और बच्चों की शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से एक दिव्य गैर-आवासीय प्रशिक्षण विद्यालय का आयोजन जिला स्कूल, पूर्णिया में व्यावसायिक संस्थान हुआ। इस कार्यशाला में जिला संसाधन समूह (डीआरजी) के 28 शिक्षक प्रशिक्षकों ने भाग लिया, जिसमें आगामी कैच-अप कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रशिक्षण दिया गया।

यूनिसेफ और विक्रमशिला का साझा प्रयास

यह विशेष पहल यूनिसेफ (यूनिसेफ) और विक्रमशिला एजुकेशन रिसर्स सोसाइटी के संयुक्त उद्यम में आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य आकांक्षी लॉन्च बायसी के सभी प्रारंभिक आश्रमों में कक्षा 2 और 3 के छात्रों के लिए 24 दिव्य विशेष 'कैच-अप प्रोग्राम' का सफल संचालन करना है। इस कार्यक्रम के तहत डीआरजी सदस्य बायसी भाग के सभी संकुल संसाधन दस्तावेज (सीआरसी) का नियमित अनुश्रवण (निगरानी) और अनुसमर्थन (समर्थन) करेंगे, ताकि पाठ-पाठ की प्रक्रिया क्रमिक रूप से चल सके।

विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने गणित और व्यावहारिक गुरु

प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनर युवा यादव ने गणित और व्यावहारिक गुरु प्रशिक्षण सत्र में गणित और व्यावहारिक गुरु प्रशिक्षण सत्र में व्याख्याता समझ विकसित करने की रणनीति पर और मनोज अंबानी ने भाषाई शैक्षणिक विस्तार के सिद्धांत से प्रकाश डाला। प्रशिक्षकों ने बताया कि डीआरजी के निर्देशन में नामित शिक्षक किस तरह के कक्षाओं में रुचि, पूर्णता और समग्रता के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर बना सकते हैं।

अधिकारियों और शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग एवं सहयोगी संस्थान के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें सहायक जिला प्रोग्राम प्रोग्राम नौशाद आलम, यूनिसेफ बिहार के राज्य सलाहकार धर्मवीर सिंह और यूनिसेफ बिहार के जिला सलाहकार ब्रजेश प्रसाद वर्मा मुख्य रूप से शामिल थे।

खोज समझ और साझेदारी स्टूडियो पर ज़ोर

प्रशिक्षण के दौरान डीआरजी सदस्य डॉ. प्रकाश प्रभात ने कहा कि कोरोना काल या बच्चों के शिक्षण स्तर से जुड़े अन्य विषयों में अंतर को पाटने के लिए यह कैच-अप कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 2 और 3 के प्रत्येक बच्चे में भाषाई ज्ञान और शिक्षण सोच का विकास करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशिक्षण में सीखे गए समुद्र तट को मठ के आरंभ में छोड़ना ही इस पहली की वास्तविक सफलता होगी।

प्रशिक्षण में प्रमुख सहभागी शामिल हैं

इस एक दिव्य गहन प्रशिक्षण में डॉ. प्रकाश प्रभात, मनोज कुमार, अनिमा कुमारी, साकिब रजा, मो. कुदरतसाद, मो. गुफरान, मो. तौकीरुल, मो. बिरादरी, शमशीर, शमशाद, मोहसीन, जमील, शाहिद, पूषण कुमार, अविनाश कुमार, सत्यम कुमार, बाबू कुमार, मनोज कुमार, राजकुमार, पीयूष कुमार, मनमीत कुमार, ऋषि कुमार, उलम सरवर, तनवीर आलम, तौकीर आलम और आरिफ सहित 28 डीआरजी ग्रुप ने सक्रिय रूप से प्रदर्शन किया।