"अकेली हूँ, और मुझे यह पसंद है!"
सोशल मीडिया पर अपनी लाइफस्टाइल और ट्रैवल व्लॉग्स को लेकर चर्चा में रहने वाली मुनमुन दत्ता ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपनी खुशियों का एक कोलाज साझा किया है। वीडियो में वह समुद्र की लहरों, रेगिस्तान की रेत, बोट राइड और ट्रेकिंग का लुत्फ उठाती नजर आ रही हैं।
लेकिन इस वीडियो से ज्यादा चर्चा उनके उस कैप्शन की हो रही है, जिसने फैंस का दिल जीत लिया। मुनमुन ने दो टूक शब्दों में लिखा:
"लोग कहते हैं कि तुम हमेशा अकेली रह जाओगी, और मेरा जवाब है— बहुत बढ़िया, मुझे यही पसंद है! मैंने अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीने का फैसला किया है।"
मुनमुन का यह बिंदास अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है। दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी ने भी कमेंट बॉक्स में उनकी तारीफ करते हुए उन्हें 'सबसे प्यारी और खुशमिजाज' बताया है।
जब दिलीप जोशी ने 'बबीता जी' की किस्मत बदली
मुनमुन के करियर के शुरुआती दौर को याद करें, तो यह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में उन्होंने खुलासा किया कि जब उन्हें 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' मिला था, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह शो इतिहास रच देगा।
उनके लिए तब सिर्फ काम मिलना ही सबसे बड़ी उपलब्धि थी। मुनमुन ने बताया कि आज शो का जो आइकॉनिक कास्ट है, उसके पीछे दिलीप जोशी का बड़ा हाथ था। उन्होंने ही बबीता जी के किरदार के लिए मुनमुन के नाम का सुझाव दिया था। इतना ही नहीं, 'जेठालाल' (दिलीप जोशी) ने ही 'चंपक चाचा' (अमित भट्ट) और 'दयाबेन' (दिशा वकानी) जैसे कलाकारों के नाम भी निर्माताओं को सुझाए थे।
शो की जान हैं 'बबीता जी'
सालों से मुनमुन दत्ता का बबीता जी वाला किरदार दर्शकों के दिलों पर राज कर रहा है। जेठालाल के साथ उनकी नोक-झोंक और महिला मंडल की बॉन्डिंग ही इस शो की असली जान है। आज मुनमुन भले ही एक बड़ी स्टार बन चुकी हैं, लेकिन अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने का उनका यह जज्बा साबित करता है कि वह पर्दे के बाहर भी उतनी ही निडर और प्रेरणादायक हैं।
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