पटना: बिहार में गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करने के लिए बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) को शामिल करने के लिए पूरी शक्ति सेवा दी गई है। राज्य के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को अल्पाहार और आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने के लिए यह योजना अत्यंत सहायता प्रदान करने वाली हो रही है। सरकारी उद्यमों के आंकड़े, बिहार के पूर्णिया जिले ने चालू वित्त वर्ष में अपने निर्धारित 20,600 रजिस्टर के लक्ष्य 24,331 महिलाओं के रजिस्टर कर 118 प्रतिशत की उल्लेखनीय ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वहीं, राज्य स्तर पर आवेदनों को डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करने के मामले में पूरे सेंचुरी जिले में शीर्ष स्थान बना हुआ है।
पहली बार माँ बनी ₹5,000 पर और दूसरी बार बनी माँ बेटी पर ₹6,000 की सीधी मदद
बिहार महिला एवं बाल विकास निगम के अनुसार, इस योजना के तहत पहली बार दो बच्चों वाली महिलाओं को कुल ₹5,000 की वित्तीय सहायता सीधे डीबीटी (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खाते में दर्ज की जाती है। वहीं, राज्य में घटते लिंगानुपात को बच्चों और बेटियों की शिक्षा-सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, दूसरी ओर संत होने पर एकमुश्त ₹6,000 दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, सरकारी पोर्टल में जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) की राशि से बिहार की गरीब ग्रामीण महिलाओं को पूरी तरह से आर्थिक राहत मिलती है और उन्हें छूट भी मिलती है।
बाल विवाह पर नियंत्रण एवं स्वास्थ्य जांच आवश्यक
इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सुझाव देना भी है। इसके लिए बिहार में मानक मानक तय किए गए हैं:
- आयु सीमा: योजना का लाभ उठाने के लिए महिला की न्यूनतम आयु 18 वर्ष 7 महीने या उससे अधिक होना अनिवार्य है, इसलिए राज्य में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को हतोत्साहित किया जा सकता है।
- टीकाकरण और टीकाकरण: लाभ प्राप्त करने के लिए प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच (एएनसी) और बच्चे का समय 14 सप्ताह का प्राथमिक टीकाकरण टीकाकरण आवश्यक है। हाल ही में बिहार के चकौड़ाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीईसी) में विभिन्न दंत चिकित्सा विशेष जांच शिविर का आयोजन कर सैकड़ों महिलाओं के लिए हीमो ग्लोबिन, ब्लड मेडिसिन और शुगर की मुफ्त जांच की गई।
अध्यापन के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया हुई और भी सरल
बिहार सरकार ने इस योजना की पहुंच को आसान बनाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और सरल कर दिया है। महिलाएं स्वयं अधिकृत पेटएमवीवाई पोर्टल पर विक्रेता या अपने क्षेत्र की सहायक सेविका और आशा कोचिंग सहायता से फॉर्म भर सकती हैं। आवेदन के लिए अकादमी का आधार कार्ड, बैंक पासबुक (जो आधार और एनपीसीआई से लिंक हो) और राष्ट्रीय शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड होना जरूरी है।