पूर्णिया: उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के केनगर स्थित कार्यालय में गुरुवार को विशेष निगरानी इकाई (SVU) की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। नया घरेलू बिजली कनेक्शन देने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते कनीय अभियंता (JE) भरत मलिक और उनके दो तकनीकी सहायकों—आशुतोष पांडेय व पंकज कुमार मेहता—को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया।
ऑनलाइन आवेदन के बदले मांगी थी 15 हजार की घूस
विशेष निगरानी इकाई के इंस्पेक्टर अविनाश कुमार के अनुसार, मजरा पंचायत के बखरीकोल निवासी राजेश कुमार साह ने नए बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया था। इसे पास करने के बदले जेई भरत मलिक ने 15 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित के मुताबिक 5,000 रुपये वेरिफिकेशन के दौरान पहले ही वसूले जा चुके थे। 10,000 रुपये की बकाया रकम कनेक्शन जारी करने के समय देनी तय हुई थी।
शिकायत मिलते ही बिछाया गया जाल
रिश्वतखोरी से तंग आकर पीड़ित राजेश साह ने पटना स्थित स्पेशल विजिलेंस यूनिट में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की गुप्त जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसवीयू ने विशेष धावा दल का गठन किया। गुरुवार को जैसे ही पीड़ित ने 10 हजार रुपये सौंपे, टीम ने तीनों आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद विजिलेंस टीम तीनों को अपने साथ पटना ले गई।