BPSC TRE-4 पर बड़ी खुशखबरी! बिहार के सरकारी स्कूलों में दूर होगी शिक्षकों की कमी, इसी महीने जारी होगी अधियाचना

BPSC TRE-4 पर बड़ी खुशखबरी! बिहार के सरकारी स्कूलों में दूर होगी शिक्षकों की कमी, इसी महीने जारी होगी अधियाचना

पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने और खाली पड़े पदों को भरने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है! बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के तहत आगामी TRE-4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा-4) को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और सकारात्मक अपडेट सामने आया है। बिहार के सरकारी विद्यालयों की सूरत बदलने और युवाओं को रोजगार देने की दिशा में सरकार का यह कदम बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है।
TRE-4 अपडेट: इसी महीने BPSC को भेजी जाएगी अधियाचना!
विधानसभा के मानसून सत्र में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने युवाओं और अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया कि TRE-4 भर्ती की अधियाचना इसी महीने BPSC को भेज दी जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में हुई देरी पर स्थिति साफ करते हुए उन्होंने बताया कि यह विलंब जानबूझकर नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए हुआ है। सभी जिलों से विषयवार और स्कूल-वार सटीक रिक्तियों का विवरण मंगाकर अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। मुख्यमंत्री के अगले 5 वर्षों में 1 लाख नए शिक्षकों की नियुक्ति के संकल्प को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया अब एक्सप्रेस स्पीड से आगे बढ़ रही है!
बदलाव के 2 बड़े मास्टरस्ट्रोक
63,047 सरप्लस शिक्षकों का समायोजन (Adjustment)
राज्य के जिन प्राथमिक विद्यालयों में मानक से अधिक (63,047 सरप्लस) शिक्षक तैनात हैं, उन्हें अब चरणबद्ध (Phase-wise) तरीके से उन स्कूलों में भेजा जा रहा है जहाँ शिक्षकों की किल्लत है। इससे राज्य के हर बच्चे को हर विषय का शिक्षक मिल सकेगा।
अब लागू होगी 'जिला कैडर' व्यवस्था!
शिक्षकों के लिए अब जिला कैडर की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि शिक्षकों की तैनाती जिस जिले में होगी, वे सामान्य परिस्थितियों में वहीं अपनी सेवा देंगे। बार-बार होने वाले ट्रांसफर-पोस्टिंग के झंझट से मुक्ति मिलेगी। हर जिले में पठन-पाठन का माहौल स्थिर और मजबूत रहेगा।
शिक्षा व्यवस्था में आएगा स्वर्णिम दौर
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का दावा है कि सरप्लस शिक्षकों के सही समायोजन, जिला कैडर व्यवस्था और BPSC TRE-4 की बंपर भर्ती पूरी होते ही बिहार के सरकारी स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। जल्द ही हर स्कूल में पर्याप्त शिक्षक होंगे और विद्यार्थियों को एक बेहतरीन, गुणवत्तापूर्ण और उज्ज्वल शैक्षणिक वातावरण मिलेगा!