पूर्णिया में खौफ का बसेरा: पक्के मकान के फर्श के नीचे मिला 36 कोबरा सांपों का संसार, इलाके में हड़कंप

बिहार के पूर्णिया जिले के बैसा प्रखंड से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। यहाँ की खपड़ा पंचायत अंतर्गत कानिमालदह भटवार गांव में एक पक्के मकान के भीतर से एक-दो नहीं, बल्कि तीन दर्जन से ज्यादा बेहद जहरीले कोबरा (गेहुअन) सांप निकलने से हड़कंप मच गया है।

पूर्णिया में खौफ का बसेरा: पक्के मकान के फर्श के नीचे मिला 36 कोबरा सांपों का संसार, इलाके में हड़कंप
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पूर्णिया में खौफ का बसेरा: पक्के मकान के फर्श के नीचे मिला 36 कोबरा सांपों का संसार, इलाके में हड़कंप

पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले के बैसा प्रखंड से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। यहाँ की खपड़ा पंचायत अंतर्गत कानिमालदह भटवार गांव में एक पक्के मकान के भीतर से एक-दो नहीं, बल्कि तीन दर्जन से ज्यादा बेहद जहरीले कोबरा (गेहुअन) सांप निकलने से हड़कंप मच गया है।

महीनों से मौत के साए में जी रहा था परिवार

मकान मालिक पांडव बोसाक ने बताया कि उनका पूरा परिवार पिछले कई महीनों से इसी पक्के मकान में रह रहा था, इस बात से पूरी तरह अनजान कि उनके पैरों के ठीक नीचे मौत का डेरा है। कुछ दिनों पहले जब कमरों में अजीब सी सरसराहट और फुफकार की आवाजें सुनाई देने लगीं, तब परिवार को फर्श के नीचे सांपों की मौजूदगी का शक हुआ।

खतरे को भांपते हुए तुरंत एक पेशेवर सपेरे को बुलाया गया। लेकिन जैसे ही कमरे के एक कोने में फर्श की खुदाई शुरू हुई, जमीन के अंदर का नजारा देखकर खुद सपेरे के भी पसीने छूट गए।

एक के बाद एक निकले 36 सपोले, ग्रामीणों में मची चीख-पुकार

खुदाई आगे बढ़ने पर जमीन के भीतर से एक विशालकाय और गुस्सैल गेहुअन सांप के साथ उसके 36 से अधिक सक्रिय और जहरीले बच्चे (सपोले) रेंगते हुए बाहर आने लगे। पक्के मकान से सांपों की इतनी बड़ी फौज निकलती देख मौके पर जुटे सैकड़ों ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए पीछे भागने लगे।

स्थानीय समाजसेवी मो. रमजान ने बताया कि इस खौफनाक मंजर को देखने के बाद पांडव बोसाक का पूरा परिवार गहरे सदमे में है, वहीं पूरे गांव के लोग अब डर के साए में जीने को मजबूर हैं।

सपेरे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग हुआ अलर्ट

सपेरे ने अपनी जान जैखिम डालकर करीब दो घंटे की भारी मशक्कत के बाद सभी 36 से अधिक सांपों को सुरक्षित पकड़ डिब्बे और थैली में बंद किया।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की विशेष रेस्क्यू टीम ने गांव पर नजर बना ली है, ताकि पकड़े गए सांपों को सुरक्षित प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ा जा सके। एहतियात के तौर पर पांडव बोसाक के घर के आसपास के अन्य कच्चे-पक्के मकानों और खेतों में भी सपेरे की मदद से सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और सांपों का ठिकाना तो नहीं है।