बिहार को इथेनॉल, बिजली और बायो-गैस का बड़ा हब बनाने के लिए सरकार ने उद्योग जगत के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने 'बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026' के तहत शुगरकेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पोर्टल (SIPP) का शुभारंभ किया है। इस पोर्टल के जरिए निवेशकों को सिंगल-विंडो सिस्टम के तहत सभी सुविधाएं और जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
निवेशकों के लिए बड़े ऐलान
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₹70 करोड़ की भारी सब्सिडी: राज्य में नई चीनी मिल स्थापित करने पर सरकार अधिकतम 70 करोड़ रुपये तक का अनुदान देगी।
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100% SGST रिफंड: नए उद्योगों को अगले 5 वर्षों तक राज्य जीएसटी (SGST) की पूरी राशि वापस (रिफंड) की जाएगी।
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1 रुपये में लीज पर जमीन: उद्योग लगाने की शुरुआती लागत घटाने के लिए सरकार निवेशकों को महज ₹1 की टोकन राशि पर सरकारी जमीन लीज पर मुहैया कराएगी।
25 नई चीनी मिलें खोलने का लक्ष्य
वर्तमान में बिहार में 10 चीनी मिलें चालू हैं। सरकार का लक्ष्य 25 नई चीनी मिलें शुरू करने का है। इसके साथ ही, लंबे समय से बंद पड़ी सकरी और रैयाम जैसी ऐतिहासिक चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने पर भी तेजी से काम चल रहा है।
गन्ना किसानों के लिए भी राहत
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गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को ₹10 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है।
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फसल की उपज और गुणवत्ता सुधारने के लिए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले गन्ने के बीज मुफ्त बांटे जा रहे हैं।
एक ही क्लिक पर आवेदन
SIPP पोर्टल (SIPP) के जरिए निवेशक घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल पर जिलेवार उपलब्ध सरकारी जमीन का ब्योरा, सब्सिडी की शर्तें और नीति से जुड़ी सभी जानकारियां पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करा दी गई हैं, जिससे निवेशकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।