बिहार में अंतर-जिला संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़; पाकिस्तानी हैंडलर 'राणा हसनैन' के संपर्क में थे गिरफ्तार आरोपी
बिहार में सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के संयुक्त प्रयासों से एक बड़े संदिग्ध देशविरोधी और आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। मुंगेर और कटिहार से शुरू हुई जांच की आंच अब सीतामढ़ी तक पहुंच चुकी है।
कटिहार: बिहार में सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के संयुक्त प्रयासों से एक बड़े संदिग्ध देशविरोधी और आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। मुंगेर और कटिहार से शुरू हुई जांच की आंच अब सीतामढ़ी तक पहुंच चुकी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क से जुड़े कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार सीधे सीमा पार (पाकिस्तान) से जुड़े होने के पुख्ता संकेत मिले हैं।
सिलसिलेवार गिरफ्तारियां और क्रोनोलॉजी
पुलिस जांच के अनुसार, इस संगठित सिंडिकेट का खुलासा चरणबद्ध तरीके से की गई गिरफ्तारियों के बाद हुआ।
6 जुलाई (मुंगेर): सुरक्षा एजेंसियों ने सबसे पहले मुंगेर जिले के तारापुर से सद्दाम नामक संदिग्ध को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पूछताछ में इस नेटवर्क की पहली कड़ियां सामने आईं।
13 जुलाई (कटिहार): कोढ़ा थाना क्षेत्र के मुसापुर से मोहम्मद अहद को न्यायिक हिरासत में लिया गया। अहद से पूछताछ के बाद पुलिस को इसके तार सीतामढ़ी से जुड़े होने के सुराग मिले।
15 जुलाई (सीतामढ़ी): इनपुट के आधार पर गाढ़ा थाना क्षेत्र के टकोर गांव में छापेमारी कर पुलिस ने दो और संदिग्धों—मोहम्मद अखलाख (29 वर्ष) और मोहम्मद अरमान (28 वर्ष) को धर दबोचा।
बरामद डिजिटल साक्ष्य और पाकिस्तानी कनेक्शन
सीतामढ़ी पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। प्रारंभिक तकनीकी जांच और डेटा विश्लेषण में बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
विदेशी हैंडलर से संपर्क: आरोपी लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम) के जरिए पाकिस्तान स्थित एक संदिग्ध हैंडलर 'राणा हसनैन' के संपर्क में थे।
अशांति फैलाने की साजिश: जांच एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तानी हैंडलर इन युवकों को देश में सांप्रदायिक और सामाजिक अशांति भड़काने, मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं को हवा देने और अन्य देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उकसा रहा था।
मुकदमों का जुड़ाव: इस मामले में सीतामढ़ी के गाढ़ा थाने में कांड संख्या 78/26 दर्ज की गई है। इसके तार कटिहार जिले में दर्ज देशविरोधी गतिविधियों के एक अन्य मामले (केस संख्या 229/2026) से सीधे जुड़े पाए गए हैं।
पुलिस की अग्रिम कार्रवाई और सुरक्षा चुनौतियां
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद बिहार पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। बरामद मोबाइल फोनों को तकनीकी रूप से पुख्ता साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है, ताकि चैट हिस्ट्री, कॉल रिकॉर्ड्स और डिलीट किए गए डेटा को पूरी तरह रिकवर किया जा सके। गाढ़ा थाना क्षेत्र के ही एक अन्य संदिग्ध युवक की संलिप्तता सामने आई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सीतामढ़ी (विशेषकर गाढ़ा थानाध्यक्ष सोनी कुमारी की टीम), कटिहार और मुंगेर पुलिस आपसी समन्वय से इस पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी है।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
ग्रामीण इलाकों में युवाओं का सोशल मीडिया के माध्यम से विदेशी और संदिग्ध तत्वों के प्रभाव में आना सुरक्षा बलों के लिए एक नई चुनौती बन गया है। इसके मद्देनजर पुलिस अब सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने और युवाओं के बीच जागरूकता अभियान चलाने की रणनीति पर काम कर रही है।