मां दुर्गा की विदाई पर मंडराया अशुभ का साया! मुर्गा पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी माता, कांप उठे ज्योतिषाचार्य
शारदीय नवरात्रि को लेकर देश भर में भक्तों का उत्साह चरम पर है। हर कोई मां दुर्गा के विदाई की तैयारियों में जुटा है। लेकिन इस बीच ज्योतिष जगत से आ रही एक बड़ी भविष्यवाणी ने सबको चिंता में डाल दिया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार मां दुर्गा का प्रस्थान यानी विदाई मुर्गे (चरणायुध) की सवारी पर होने जा रही है।
धर्म डेस्क:शारदीय नवरात्रि को लेकर देश भर में भक्तों का उत्साह चरम पर है। हर कोई मां दुर्गा के विदाई की तैयारियों में जुटा है। लेकिन इस बीच ज्योतिष जगत से आ रही एक बड़ी भविष्यवाणी ने सबको चिंता में डाल दिया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार मां दुर्गा का प्रस्थान यानी विदाई मुर्गे (चरणायुध) की सवारी पर होने जा रही है। देवी भागवत पुराण में मां दुर्गा की इस सवारी को लेकर बेहद चौंकाने वाले और गंभीर संकेत दिए गए हैं, जिसे सुनकर बड़े-बड़े ज्योतिषाचार्य भी सतर्क हो गए हैं।
मुर्गा' पर विदाई: शुभ या अशुभ?
शास्त्रों के अनुसार, मां दुर्गा का आगमन और प्रस्थान किस वाहन पर हो रहा है, इसका देश-दुनिया और मानव जीवन पर बहुत गहरा असर पड़ता है। इस बार विजयादशमी (दशहरा) के दिन माता की विदाई मुर्गे (चरणायुध) पर हो रही है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अशुभ और चिंताजनक माना जाता है।
दुनिया पर मंडराएगा संकट? जानिए क्या कहता है शास्त्र
देवी भागवत पुराण के एक प्रसिद्ध श्लोक के अनुसार, जब भी माता मुर्गे पर सवार होकर विदा होती हैं, तो इसके परिणाम सुखद नहीं होते।
बढ़ेगी अशांति और तनाव: इस सवारी को समाज में आपसी मतभेद, वाद-विवाद और घरेलू कलह बढ़ाने वाला माना जाता है।
शोक और कष्ट का संकेत: मान्यता है कि इससे जनता में किसी न किसी कारणवश दुख, बीमारी या प्राकृतिक आपदाओं के कारण कष्ट बढ़ सकता है।
राजनीतिक उथल-पुथल: वैश्विक स्तर और देश की राजनीति में बड़े उलटफेर, तनाव और अशांति की स्थितियां देखने को मिल सकती हैं।
क्यों बनी मुर्गे की सवारी?
ज्योतिषियों के मुताबिक, विदाई का वाहन इस बात पर निर्भर करता है कि विजयादशमी (दशहरा) किस दिन पड़ रही है। जब भी विसर्जन या दशहरे का त्योहार शनिवार या मंगलवार के दिन आता है, तब माता का प्रस्थान मुर्गे (चरणायुध) पर होता है। यही वजह है कि इस बार यह विशेष संयोग बन रहा है।
घबराएं नहीं, बरतें ये सावधानियां
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस बदलाव से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह समय सजग और शांत रहने का है। माता के इस संकेत का मतलब है कि आने वाले समय में हमें अपने गुस्से पर काबू रखना होगा, अपनों के साथ तालमेल बिठाना होगा और देश में सुख-शांति के लिए मां दुर्गा की विशेष आराधना करनी होगी।