पूर्णिया में बायसी अंचलाधिकारी का आदेश रद्द: नगर पंचायत क्षेत्र में अवैध बासगीत पर्चा निर्गमन पर प्रशासनिक गाज

समाहर्त्ता न्यायालय, पूर्णिया द्वारा राजस्व पुनरीक्षण वाद संख्या-41/2024 में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अंचल कार्यालय, बायसी के उस आदेश को निरस्त (Set Aside) कर दिया गया है, जिसके तहत नगर पंचायत क्षेत्र की जमीन पर गैर-कानूनी तरीके से बासगीत पर्चा जारी किया गया था। इस फैसले से अंचल कार्यालय द्वारा नियमों और विधिक प्रक्रियाओं की अनदेखी कर किए गए कार्य पर प्रशासनिक गाज गिरी है।  

पूर्णिया में बायसी अंचलाधिकारी का आदेश रद्द: नगर पंचायत क्षेत्र में अवैध बासगीत पर्चा निर्गमन पर प्रशासनिक गाज

पूर्णिया: लोक शिकायत निवारण में पूर्णिया जिला पूरे सूबे में तीसरे स्थान पर आ चुका है। निस्संदेह पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार सतत् मॉनिटरिंग व कुशल प्रशासनिक दक्षता का परिचायक है। लेकिन उनके ही जिले के बायसी प्रखंड में उनके ही प्रशासनिक अधिकारी उनके कुशल प्रशासनिक छवि पर सवालिया निशान लगाने पर आमादा है। जिसकी बानगी इस प्रकार है।समाहर्त्ता न्यायालय, पूर्णिया द्वारा राजस्व पुनरीक्षण वाद संख्या-41/2024 में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अंचल कार्यालय, बायसी के उस आदेश को निरस्त (Set Aside) कर दिया गया है, जिसके तहत नगर पंचायत क्षेत्र की जमीन पर गैर-कानूनी तरीके से बासगीत पर्चा जारी किया गया था। इस फैसले से अंचल कार्यालय द्वारा नियमों और विधिक प्रक्रियाओं की अनदेखी कर किए गए कार्य पर प्रशासनिक गाज गिरी है।  
क्या था पूरा मामला?
आवेदक रघुनाथ भगत (पिता-स्व० कपिलदेव भगत, साकिन-बायसी बाजार) द्वारा अंचल अधिकारी, बायसी के बासगीत पर्चा वाद संख्या-22/2023-24 में पारित आदेश (दिनांक 02.02.2024) के विरुद्ध समाहर्त्ता न्यायालय में पुनरीक्षण आवेदन दायर किया गया था।  
विवादित भूमि मौजा-पानीसदरा, थाना नं०-371, खाता नं०-152, खेसरा नं०-228, रकबा-750 वर्गकड़ी (23 डिसमिल) से संबंधित है। इस भूमि पर विपक्षी सं०-03 पिंकी कुमारी (पति-रजनीश कुमार राज) के पक्ष में बासगीत पर्चा निर्गत कर नामांतरण वाद संख्या-26/2024-25 के तहत जमाबंदी कायम कर दी गई थी।  
जांच और न्यायालय के मुख्य निष्कर्ष
समाहर्त्ता न्यायालय ने दोनों पक्षों के कागजातों, अधिवक्ताओं की दलीलों और भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, बायसी तथा जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पूर्णिया के संयुक्त जांच प्रतिवेदन (पत्रांक 961, दिनांक 19.05.2026) का गहन अवलोकन किया। न्यायालय ने अपनी समीक्षा में निम्नलिखित गंभीर अनियमितताएं पाईं:  
नगर पंचायत क्षेत्र में पर्चा निर्गमन गैर-कानूनी
विवादित भूमि बायसी नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत स्थित है। 'बिहार प्रिवलेज्ड पर्सन्स होमस्टेड टेनेंसी (BPPHT) Act, 1947' की धारा-3 (ख) के अनुसार, नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत बासगीत पर्चा निर्गत करने का कोई प्रावधान ही नहीं है। बायसी नगर पंचायत का गठन वर्ष 2022 में हुआ था, जबकि यह पर्चा वर्ष 2023-24 में नियमों के विपरीत जाकर जारी किया गया था।  
बिना नोटिस और सुनवाई के एकतरफा कार्रवाई
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि भूमि के मूल जमाबंदी रैयत (कपिलदेव भगत व अन्य) को अपना पक्ष रखने के लिए कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई और उनके अधिकारों का हनन किया गया।  
रिपोर्ट से अधिक रकबे का पर्चा जारी:
राजस्व कर्मचारी तथा अंचल अमीन के प्रतिवेदन में प्रस्तावित रकबे (अमीन द्वारा 700 वर्गकड़ी) से अधिक यानी 750 वर्गकड़ी का पर्चा निर्गत कर दिया गया, जिसके लिए अभिलेख में कोई स्पष्ट कारण दर्ज नहीं था।  
स्थल पर आवास या कब्जे का अभाव
स्थल जांच के दौरान बासगीत पर्चा वाली भूमि पर विपक्षी का कोई मकान अथवा सहन (निवास) नहीं पाया गया। साथ ही विपक्षी के पास अन्य संपत्तियां व व्यवसाय उपलब्ध होने की बात भी सामने आई।  
न्यायालय का अंतिम आदेश
समाहर्त्ता, पूर्णिया ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अंचल अधिकारी, बायसी द्वारा पर्चा निर्गत करने में BPPHT अधिनियम के प्रावधानों एवं निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है।  अतः पुनरीक्षणकर्ता के आवेदन को स्वीकार करते हुए अंचल कार्यालय, बायसी के वाद संख्या-22/2023-24 में पारित दिनांक 02.02.2024 के आदेश को निरस्त (Set Aside) कर दिया गया है। इसके साथ ही अंचल अधिकारी, बायसी को आदेश के अनुपालन का निर्देश देते हुए निचली अदालत का मूल अभिलेख वापस भेज दिया गया है।  
अंचल कार्यालय का ताजा कदम
सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत दी गई जानकारी के अनुसार, समाहर्त्ता, पूर्णिया के न्यायालय के इस आदेश (ज्ञापांक-1734, दिनांक 13.07.2026) के आलोक में अंचल अधिकारी, बायसी द्वारा संबंधित राजस्व कर्मचारी को अनुपालन का निर्देश दिया गया। इसके तहत संबद्ध राजस्व कर्मचारी द्वारा भू-धारी की मूल जमाबंदी में सुधार कर लिया गया है तथा अहोहस्ताक्षरी (अंचल अधिकारी) के द्वारा समाहर्त्ता, पूर्णिया के आदेशानुसार ऑनलाइन जमाबंदी में भी आवश्यक सुधार की कार्रवाई पूरी कर दी गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि तमाम निर्णयों के बावजूद प्रखंड अंचल प्रशासन किसके प्रभाव में आकर भू-धारी के हितों में दखल अंदाजी कर रही है? इससे स्पष्ट है कि बायसी प्रखंड प्रशासन जिला प्रशासन के आदेशों को बेखौफ हो कर नज़र अंदाज़ कर रही है,जो प्रशासनिक अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।