सीमांचल में बाढ़ और कटाव का भीषण संकट: बायसी में परमान-कनकई उफान पर, प्रशासन ने जारी किया 24 घंटे का 'हाई अलर्ट'

: नेपाल के तराई इलाकों और सीमांचल के जिलों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र की प्रमुख नदियां—परमान, कनकई और महानंदा—रौद्र रूप धारण कर चुकी हैं। जलस्तर में अचानक हुई अप्रत्याशित वृद्धि से बायसी अनुमंडल के कई गांवों में बाढ़ और भीषण नदी कटाव का खतरा मंडराने लगा है।

सीमांचल में बाढ़ और कटाव का भीषण संकट: बायसी में परमान-कनकई उफान पर, प्रशासन ने जारी किया 24 घंटे का 'हाई अलर्ट'
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बायसी (पूर्णिया): नेपाल के तराई इलाकों और सीमांचल के जिलों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र की प्रमुख नदियां—परमान, कनकई और महानंदा—रौद्र रूप धारण कर चुकी हैं। जलस्तर में अचानक हुई अप्रत्याशित वृद्धि से बायसी अनुमंडल के कई गांवों में बाढ़ और भीषण नदी कटाव का खतरा मंडराने लगा है। विशेषकर बेलबाड़ी और आसपास के इलाकों में नदी किनारे तेजी से हो रहे भू-कटाव से दर्जनों परिवारों के आशियाने पर संकट के बादल छा गए हैं।
24 घंटे मुस्तैद प्रशासनिक अमला
हालात की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया जिला प्रशासन और बायसी अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे लगातार निगरानी (Round-the-clock monitoring) के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को कटाव रोधी कार्य में जुटने और बालू की बोरियों के जरिए तटबंधों को सुरक्षित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
निचले इलाकों के ग्रामीणों को सख्त चेतावनी
प्रशासन ने लाउडस्पीकर और स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से निचले और दियारा इलाकों में मुनादी करवाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने का परामर्श दिया है। नदी किनारे बसे परिवारों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों या राहत शिविरों की ओर शिफ्ट होने की सलाह दी गई है। बच्चों और मवेशियों को नदी के आसपास या तेज बहाव वाले इलाकों में जाने से रोकने के लिए परिजनों को सख्त हिदायत दी गई है।
इमरजेंसी कंट्रोल रूम एक्टिव
किसी भी अप्रिय घटना या जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की सूचना तुरंत देने के लिए अनुमंडल स्तर पर एक समर्पित हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। नदियों के आक्रामक रुख और कटाव की रफ्तार को देखते हुए स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और राज्य आपदा बल (SDRF) को अलर्ट मोड पर रखा गया है।