ई-शिक्षा कोष पर 'घर बैठे' हाजिरी लगाना पड़ा भारी: पूर्णिया में 56 शिक्षकों पर गिरी गाज, कटेगा वेतन

बिहार के पूर्णिया जिले में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ा हंटर चलाया है। जिला शिक्षा विभाग की जांच में कुल 56 ऐसे शिक्षक धरे गए हैं, जो स्कूल से तो नदारद थे, लेकिन पोर्टल पर उनकी हाजिरी 'मार्क ऑन ड्यूटी' दर्ज थी।

ई-शिक्षा कोष पर 'घर बैठे' हाजिरी लगाना पड़ा भारी: पूर्णिया में 56 शिक्षकों पर गिरी गाज, कटेगा वेतन

पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ा हंटर चलाया है। जिला शिक्षा विभाग की जांच में कुल 56 ऐसे शिक्षक धरे गए हैं, जो स्कूल से तो नदारद थे, लेकिन पोर्टल पर उनकी हाजिरी 'मार्क ऑन ड्यूटी' दर्ज थी। इस बड़ी लापरवाही और धोखाधड़ी के सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने सभी दोषी शिक्षकों का वेतन काटने का कड़ा आदेश जारी किया है।
बीईओ की रिपोर्ट में खुला फर्जीवाड़े का खेल
जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार प्रकाश ने बताया कि पिछले दिनों डिजिटल हाजिरी में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद कार्यालय पत्रांक-1052 (दिनांक 25 मई 2026) के जरिए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को 21 मई 2026 की उपस्थिति की जमीनी हकीकत जांचने का जिम्मा सौंपा गया था। बीईओ की भौतिक जांच (Physical Verification) और ई-शिक्षा कोष के डेटा के मिलान में चौंकाने वाला सच सामने आया।
'मार्क ऑन ड्यूटी' का लिया गलत सहारा
जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद यह साफ हुआ कि 21 मई को ये 56 शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना या सक्षम प्राधिकार की अनुमति के स्कूल से गायब थे। इसके बावजूद, तकनीक की सेंधमारी करते हुए इन लोगों ने पोर्टल पर खुद को ड्यूटी पर तैनात (मार्क ऑन ड्यूटी) दिखा दिया था।
जुलाई के वेतन से कटेगी राशि, आदेश जारी
शिक्षा विभाग ने इस धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक्शन लिया है।विभाग ने कार्यालय पत्रांक-1340 (दिनांक 8 जुलाई 2026) के तहत सभी दोषी 56 शिक्षकों की 21 मई की हाजिरी को अवैध घोषित करते हुए निरस्त कर दिया गया है। इन सभी शिक्षकों के जुलाई माह के वेतन से एक दिन की सैलरी काटने का लिखित आदेश संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है।
विभाग की सख्त चेतावनी
जिला शिक्षा विभाग ने दो टूक शब्दों में कहा है कि ई-शिक्षा कोष पोर्टल में किसी भी प्रकार की तकनीकी हेराफेरी या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों पर आगे इससे भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।