पूर्णिया में मानव तस्करी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़: 'ऑपरेशन सवेरा' के तहत 3 नाबालिग बच्चियां मुक्त, मास्टरमाइंड की तलाश तेज
बिहार की पूर्णिया पुलिस ने मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन सवेरा' के तहत पुलिस और सामाजिक संस्थाओं (NGO) की संयुक्त टीम ने जीरोमाइल गुलाबबाग इलाके में छापेमारी कर तीन नाबालिग बच्चियों को तस्करों के चंगुल से सकुशल मुक्त करा लिया है।
पूर्णिया: बिहार की पूर्णिया पुलिस ने मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन सवेरा' के तहत पुलिस और सामाजिक संस्थाओं (NGO) की संयुक्त टीम ने जीरोमाइल गुलाबबाग इलाके में छापेमारी कर तीन नाबालिग बच्चियों को तस्करों के चंगुल से सकुशल मुक्त करा लिया है।
गुप्त सूचना पर आधी रात में दबिश
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जीरोमाइल गुलाबबाग में सर्विस रोड के किनारे टीन की चादरों से बने एक मकान में कुछ बच्चियों को बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीपीओ (SDPO) अभिनव परासर और डीएसपी (DSP) चंदन कुमार ठाकुर के नेतृत्व में एक त्वरित विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने जब बताए गए ठिकाने पर छापा मारा, तो वहां बेहद डरी-सहमी स्थिति में तीन नाबालिग बच्चियां मिलीं, जिन्हें पुलिस ने तुरंत अपने संरक्षण में ले लिया।
काम का झांसा देकर बेचने की थी तैयारी: NGO
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में 'ट्रिनिटी इंडिया ट्रस्ट' के सामाजिक कार्यकर्ता जय कृष्ण गुरुग और 'बचपन बचाओ आंदोलन' के सज्जाद आलम ने अहम भूमिका निभाई। संस्था के सदस्यों ने बताया कि इन बच्चियों को काम दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर घर से लाया गया था और इन्हें आगे बेचने की साजिश रची जा रही थी। पुलिस और एनजीओ की टीम ने बच्चियों की शुरुआती काउंसलिंग कर उन्हें ढांढस बंधाया।
CWC के सामने पेशी, पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू
बरामदगी के बाद तीनों बच्चियों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद समिति के निर्देश पर उन्हें सुरक्षित आश्रय गृह भेज दिया गया है। पुलिस बच्चियों की मेडिकल जांच कराने के साथ-साथ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे मूल रूप से किस जिले या राज्य की रहने वाली हैं ताकि उनके परिजनों से संपर्क किया जा सके।
मास्टरमाइंड फरार, CCTV और मोबाइल लोकेशन खंगाल रही पुलिस
इस रैकेट का मुख्य सरगना और जिस मकान से बच्चियां मिली हैं, उसका मालिक फिलहाल फरार हैं। पुलिस मकान मालिक की भूमिका को भी संदिग्ध मानकर चल रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस इलाके के CCTV फुटेज और संदिग्ध मोबाइल लोकेशंस को खंगाल रही है। सदर एसडीपीओ ने कहा कि इस रैकेट के तार और भी लोगों से जुड़े हो सकते हैं, जिन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
पूरी टीम होगी पुरस्कृत
मानव तस्करी जैसे बेहद संवेदनशील मामले पर तत्परता दिखाते हुए बच्चियों की जान बचाने वाली पूरी टीम (पुलिस अधिकारियों, जवानों और NGO सदस्यों) की SSP ने सराहना की है। उन्होंने बेहतरीन कार्य के लिए पूरी टीम को सम्मानित और पुरस्कृत करने की घोषणा की है।