पूर्णिया: श्रीनगर CTE में पाँच दिवसीय आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण संपन्न, 170 शिक्षकों ने सीखीं आधुनिक शिक्षण विधियाँ
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बुनियादी साक्षरता को धरातल पर मजबूत करने के उद्देश्य से जिले के श्रीनगर स्थित कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन (CTE) में आयोजित पाँच दिवसीय आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है।
पूर्णिया: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बुनियादी साक्षरता को धरातल पर मजबूत करने के उद्देश्य से जिले के श्रीनगर स्थित कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन (CTE) में आयोजित पाँच दिवसीय आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस सघन प्रशिक्षण शिविर में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए कुल 170 शिक्षक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर जोर
इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर (कक्षा 3 से 5 तक) के बच्चों में भाषाई ज्ञान, गणितीय कौशल और अंग्रेजी विषय के प्रति समझ व रुचि को वैज्ञानिक तरीकों से विकसित करना है। समापन के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब सभी शिक्षक प्रशिक्षुओं का यह परम कर्तव्य है कि वे अपने-अपने विद्यालयों में जाकर बच्चों को बुनियादी और मजबूत शिक्षा प्रदान करें, जिससे बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सके।
भीषण गर्मी की चुनौतियों के बीच जागा 'शिक्षण का जज्बा'
यह प्रशिक्षण सत्र मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। क्षेत्र में जारी भीषण गर्मी और बदलते मौसम ने जहाँ एक ओर प्रतिभागियों को शारीरिक रूप से बेहाल किया, वहीं दूसरी ओर मुख्य प्रशिक्षकों (ट्रेनर्स) के हौसले और बेबाक अंदाज़ के आगे मौसम की चुनौतियाँ बौनी साबित हुईं।
अनुभवी प्रशिक्षकों ने अपने ज्ञान, तज़ुर्बे और रोचक गतिविधियों के माध्यम से सभी प्रशिक्षु शिक्षकों के भीतर छिपी शिक्षण की अलख को पुन: जगाने का काम किया। प्रशिक्षण का लब्बोलुआब यह रहा कि शिक्षक अपने विद्यालय रूपी उपवन में बच्चों को एक नन्हे पौधे की तरह सींचें और अपनी मेहनत व सही मार्गदर्शन से उन्हें एक विशाल और फलदार वृक्ष के रूप में विकसित करें।
मार्गदर्शक और कुशल प्रशिक्षकों की टीम
इस गरिमामयी कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य डॉ. अनुराग मिश्रा, ऑफिस इंचार्ज मुजफ्फर हुसैन और ऑफिस कॉन्सल्टेंट गौरव कुमार की प्रशासनिक भूमिका सराहनीय रही। वहीं, शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधाओं से रूबरू कराने वाले मुख्य ट्रेनर्स में रौशन कुमार, नीमा कुमारी, गजेन्द्र कुमार भारती, शैलेंद्र कुमार, लक्ष्मी शेखर, ताज शमीमा सुलेमानी और गुलशन आरा शामिल थे, जिनकी प्रस्तुति और शिक्षण शैली की सभी ने सराहना की।
प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव
समापन सत्र के दौरान प्रशिक्षु शिक्षक डॉ. प्रकाश प्रभात ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस पाँच दिनों के आवासीय प्रशिक्षण में हम सभी शिक्षकों ने शिक्षण की कई नई और आधुनिक तकनीकों को सीखा है। अब समय आ गया है कि इन सीखे गए सिद्धांतों को हम अपने विद्यालयों में धरातल पर उतारें। यहाँ मिले ज्ञान और अपनों के साथ का यह सफर हमेशा याद रहेगा। उन्होंने सभी ट्रेनर्स और प्रबंधन के प्रति आभार जताते हुए भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग और शुभकामनाओं की उम्मीद जताई।
ये शिक्षक हुए प्रशिक्षित
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से शिक्षक प्रतिभागी उमेश चन्द्र, लक्ष्मण, जय प्रकाश, सुधीर कुमार, अमित, रूपेश, किरण, वीणा, भावेश कुमार, मणिकंचन, कंचन, संगीता, शालू, छाया, प्रवेज़, दानिश, मोहसीन, ममनून, दारेन, नैयर, एकराम, अरशद, तबरेज़, जियाउर्रहमान, मोबर्रीज सहित सभी 170 प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने नए संकल्प के साथ अपने-अपने कार्यक्षेत्र की ओर प्रस्थान किया।