बदलाव की बयार: जर्जर भवन बना सपनों की डिजिटल लाइब्रेरी, पूर्णिया के युवाओं की राह हुई आसान!
जिला प्रशासन का 'सेवा संकल्प कायाकल्प अभियान' पूर्णिया के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। वर्षों से उपेक्षित और खंडहर की सूरत बना पूर्णिया जिला स्कूल परिसर का एक जर्जर भवन अब एक भव्य, अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में जगमगा रहा है।
पूर्णिया। जिला प्रशासन का 'सेवा संकल्प कायाकल्प अभियान' पूर्णिया के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। वर्षों से उपेक्षित और खंडहर की सूरत बना पूर्णिया जिला स्कूल परिसर का एक जर्जर भवन अब एक भव्य, अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में जगमगा रहा है। जिला प्रशासन के इस सराहनीय प्रयास ने ना केवल एक ऐतिहासिक भवन को नया जीवन दिया है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सैकड़ों छात्र-छात्राओं के सपनों को भी नई उड़ान दी है।
150 सीटों की क्षमता वाली इस हाई-टेक लाइब्रेरी का शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी श्री अंशुल कुमार ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के उन होनहार विद्यार्थियों को एक आदर्श शैक्षणिक माहौल देना है, जिन्हें अब तक महंगी निजी लाइब्रेरियों का रुख करना पड़ता था।
छात्रों को मिलेगी मुफ्त और सर्व सुविधायुक्त पढ़ाई की जगह
बिना किसी वित्तीय बोझ के गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई: अब शहर के जरूरतमंद छात्र बिना किसी फीस या आर्थिक चिंता के शांत, अनुशासित और आधुनिक सुविधाओं से लैस वातावरण में अपनी तैयारी कर सकेंगे।
डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच
डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से छात्र इंटरनेट, ई-बुक्स, और अध्ययन सामग्री का पूरा लाभ उठा सकेंगे, जिससे यूपीएससी, बीपीएससी, एसएससी और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं की राह बेहद आसान होगी।
जिला प्रशासन की यह सोच केवल एक इमारत के कायाकल्प की कहानी नहीं है, बल्कि यह पूर्णिया के युवाओं के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव है। अब संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली छात्र के कदम नहीं रोकेगी!