बिहार की सेंट्रल जेल से अंतरराष्ट्रीय कैदी फरार, भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट
भारत के पूर्वी राज्य बिहार में एक बेहद संवेदनशील सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। बिहार के पूर्णिया जिले में स्थित एक विशेष 'सुरक्षित होल्डिंग सेंटर' से एक सजायाफ्ता बांग्लादेशी नागरिक सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। इस घटना ने भारतीय जेलों की आंतरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कैदियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूर्णिया (भारत): भारत के पूर्वी राज्य बिहार में एक बेहद संवेदनशील सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। बिहार के पूर्णिया जिले में स्थित एक विशेष 'सुरक्षित होल्डिंग सेंटर' से एक सजायाफ्ता बांग्लादेशी नागरिक सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। इस घटना ने भारतीय जेलों की आंतरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कैदियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फरार नागरिक की पहचान मन्ना (पिता: जमशेद जलक सिकंदर) के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के नारायणपुर जिले के रूपगंज (अजीजनगर) का निवासी है। घटना के बाद से ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय पुलिस हाई अलर्ट पर हैं।
प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा में चूक
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मन्ना को साल 2023 में नेपाल सीमा से सटे बिहार के सुपौल जिले (वीरपुर) से अवैध रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम, 1946 (Foreigners Act) की धारा 14-ए के तहत मामला दर्ज किया गया था।अदालत द्वारा दी गई सजा की अवधि पूरी होने के बाद, उसे वापस बांग्लादेश डिपोर्ट (प्रत्यर्पण) करने की राजनयिक और कागजी प्रक्रिया चल रही थी। बिहार कारा विभाग के आदेश पर उसे 31 मार्च, 2026 को वीरपुर सब-जेल से पूर्णिया सेंट्रल जेल के विशेष सुरक्षित क्षेत्र (होल्डिंग जोन) में स्थानांतरित किया गया था। रविवार, 29 जून 2026 की दोपहर को उसने सुरक्षा घेरे में आई ढिलाई का फायदा उठाया और परिसर से भागने में सफल रहा।
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर चौकसी, जांच तेज
इस सुरक्षा चूक की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया सेंट्रल जेल के अधीक्षक मनोज कुमार ने केहाट पुलिस स्टेशन में एक आधिकारिक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। मामला दो देशों के बीच के नागरिक से जुड़े होने के कारण जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। फरार अनुप्रवेशकारी (इन्फिल्ट्रेटर) की तलाश के लिए पुलिस की तकनीकी टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। इसके साथ ही, बस टर्मिनल्स और रेलवे स्टेशनों के अलावा भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है, क्योंकि आशंका है कि वह सीमा पार कर नेपाल के रास्ते भागने की कोशिश कर सकता है।
फिलहाल ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ की जा रही है कि आखिर एक संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय कैदी इतनी कड़ी सुरक्षा वाले 'विशेष जोन' से कैसे गायब हो गया। इस घटना ने भारत की आंतरिक सुरक्षा और प्रत्यर्पण की प्रतीक्षा कर रहे विदेशी नागरिकों के रखरखाव की नीति पर बहस छेड़ दी है।