समय से पहले मॉनसून की बिहार में दस्तक, पूर्णिया के रास्ते हुआ प्रवेश

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने अपने निर्धारित समय से पहले ही बिहार की सीमा में प्रवेश कर लिया है। मौसम विभाग की ओर से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, मॉनसून ने पूर्णिया के रास्ते राज्य में दस्तक दी है,...

समय से पहले मॉनसून की बिहार में दस्तक, पूर्णिया के रास्ते हुआ प्रवेश

पटना/पूर्णिया: भीषण गर्मी और लू से बेहाल बिहारवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने अपने निर्धारित समय से पहले ही बिहार की सीमा में प्रवेश कर लिया है। मौसम विभाग की ओर से मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार, मोनसून ने पूर्णिया राज्य में अपना रास्ता बना लिया है, जिससे किसान और आम लोगों के बीच मोनसून की वापसी हो गई है।

आम तौर पर बिहार में प्रवेश के निर्धारित समय से पहले
प्रवेश की मानक तिथि 13 से 15 जून के बीच मानी जाती है, लेकिन इस साल कुछ दिन पहले ही राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी जाती है। पूर्णिया और उसके आस-पास के फ़्लोरिडा सीज़न में डुप्लिकेट की पहली बारिश ने सुहाना बनाया है। तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को चिलचिलाती धूप से काफी राहत मिली है। मॉनसून के आगमन से पहले
किसानों के लिए आशीर्वाद राज्य के किसानों के लिए सबसे अधिक समय है।
रासायनिक खेती, रासायनिक विज्ञान धान की खेती पूरी तरह से अनुपूरक वर्षा पर प्रतिबंध है। शुरुआती दिनों में किसानों को खेत तैयार करने और बीज बोने का अतिरिक्त समय मिलता था। कृषि विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अगर किसान भाई की चाल इसी तरह अच्छी बनी रही, तो इस बार राज्य में धान की बम्पर का निर्माण हो सकता है।
मौसम विभाग
सीरिया में स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अगले 48 से 72 घंटों में राज्य के अन्य सिद्धांतों में भी तेजी से वृद्धि की संभावना है। विभाग ने कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही वज्रपात (बिजली दाता) भी जारी किया गया है और लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।
गर्मी से मिली राहत, प्रशासन ने
पिछले कई दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में भीषण लू (हीटवेव) की स्थिति का आकलन किया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मॉनसून के आगमन के साथ ही लू का प्रकोप भी कम होने की उम्मीद है। हालाँकि, मौसम में अचानक बदलाव आया और भारी बारिश देखने को मिली। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला प्रशासन को सलाह दी है। पूर्व अध्ययन के लिए जलजमाव और नदियों के बेसिन में रेज़मैव और रिवर के आधार पर मूल्यांकन किया गया है।
कुल मिलाकर, समय से पहले बहस की यह लहर बिहार के लिए एक शुभ संकेत है, जो न केवल तापती गर्मी से राहत लेकर आई है, बल्कि कृषि क्षेत्र में भी नई विशेषज्ञता जग रही है।