मां और शिशु की सुरक्षा का संकल्प: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 साल पूरे, लाखों महिलाओं को मिला लाभ
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) ने अपने 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस योजना के माध्यम से लाखों गर्भवती महिलाओं को मुफ्त स्वास्थ्य जांच, उपचार और सुरक्षित प्रसव की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) ने हाल ही में अपनी शुरुआत के 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। पिछले एक दशक में इस योजना ने देशभर की लाखों गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2016 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
योजना शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ी?
देश के कई हिस्सों में आज भी गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। विशेषकर मजदूरी और दैनिक कार्य करने वाली महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत की गई, ताकि प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
क्या है प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान?
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) गर्भवती महिलाओं के लिए चलाई जा रही एक विशेष स्वास्थ्य योजना है।
इस योजना के तहत महिलाएं अपनी गर्भावस्था के दौरान प्रत्येक माह की 9 तारीख को नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में मुफ्त स्वास्थ्य जांच और परामर्श प्राप्त कर सकती हैं।
योजना का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जोखिमों की समय पर पहचान करना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है।
योजना के प्रमुख लाभ
हर महीने मुफ्त स्वास्थ्य जांच
गर्भवती महिलाएं हर महीने की 9 तारीख को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर निशुल्क जांच करा सकती हैं।
आवश्यक मेडिकल टेस्ट मुफ्त
योजना के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण जांचें मुफ्त की जाती हैं, जिनमें शामिल हैं:
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ब्लड प्रेशर जांच
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ब्लड टेस्ट
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यूरिन टेस्ट
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हीमोग्लोबिन जांच
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अल्ट्रासाउंड जांच
सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा
महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
जटिल मामलों में रेफरल सुविधा
यदि किसी गर्भवती महिला की स्थिति गंभीर पाई जाती है, तो उसे उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जा सकता है ताकि समय पर बेहतर उपचार मिल सके।
योजना का मुख्य उद्देश्य
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का मुख्य उद्देश्य है:
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मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी लाना
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शिशु मृत्यु दर (IMR) को कम करना
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ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना
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गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराना
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सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना
किसे मिल सकता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ देश की सभी गर्भवती महिलाएं प्राप्त कर सकती हैं, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को इससे अधिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
योजना का लाभ कैसे लें?
योजना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिला को:
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नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाना होगा।
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वहां अपना पंजीकरण (Registration) कराना होगा।
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निर्धारित तिथि पर नियमित जांच करानी होगी।
गांव-गांव तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान ने पिछले दस वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इससे लाखों महिलाओं को समय पर चिकित्सा सहायता मिली है और सुरक्षित प्रसव के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान देश की गर्भवती महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल है। योजना ने पिछले दस वर्षों में लाखों परिवारों को लाभ पहुंचाया है और मातृत्व स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। सुरक्षित मां और स्वस्थ शिशु के लक्ष्य को हासिल करने में यह अभियान आज भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।