पूर्णिया में जंगली सियार का आतंक: खेतों में काम कर रहे मजदूरों पर हमला, 8 वर्षीय बच्ची समेत 6 को किया लहूलुहान; ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पीटकर मार गिराया

पूर्णिया जिले के कसबा थाना क्षेत्र स्थित बेतोना पंचायत में बुधवार सुबह उस समय चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब एक हिंसक जंगली गीदड़ (सियार) ने खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों पर अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। इस अप्रत्याशित हमले में एक 8 वर्षीय मासूम बच्ची और महिलाओं...

पूर्णिया में जंगली सियार का आतंक: खेतों में काम कर रहे मजदूरों पर हमला, 8 वर्षीय बच्ची समेत 6 को किया लहूलुहान; ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पीटकर मार गिराया
एआई से उत्पादित फोटो

पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले के कसबा थाना क्षेत्र स्थित बेतोना पंचायत में बुधवार सुबह उस समय चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब एक हिंसक जंगली गीदड़ (सियार) ने खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों पर अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। इस अप्रत्याशित हमले में एक 8 वर्षीय मासूम बच्ची और महिलाओं समेत कुल छह लोग बुरी तरह कटकर लहूलुहान हो गए।
ग्रामीणों को देख हिंसक हुआ सियार
इस घटना के बाद वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जिससे ​खुद को ग्रामीणों से घिरता देख सियार और अधिक हिंसक हो गया। इसके बाद अपनी जान बचाने के लिए ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और एकजुट होकर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर उस हिंसक पशु को मौके पर ही ढेर कर दिया।
झाड़ियों में घात लगाकर बैठा था सियार
​अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे घायल रामरती उरांव ने घटना की भयावहता बयां करते हुए बताया कि रोज की तरह बेतोना गांव के लोग सुबह-सुबह अपने खेतों में पटवन (सिंचाई) और निकौनी का काम कर रहे थे। हमें अंदाजा भी नहीं था कि झाड़ियों में मौत घात लगाए बैठी है। अचानक एक जंगली सियार झाड़ियों से निकला और अंधाधुंध हमला करना शुरू कर दिया।​इस हमले में जरू उरांव नामक ग्रामीण के होंठ को सियार ने बुरी तरह नोच लिया, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। ​इस हिंसक हमले का शिकार हुए लोगों में बेतोना गांव के ग्रामीण​जरू उरांव (हालत गंभीर),​मीनाक्षी (8 वर्षीय मासूम बच्ची),​पुनिता देवी,​रामरेती उरांव,​बीरेंद्र उरांव​एक अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
जीएमसीएच पूर्णिया रेफर, रेबीज का खतरा
​घटना के तुरंत बाद लहुलुहान हालत में सभी घायलों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन घाव की गंभीरता और रेबीज (Rabies) के गंभीर संक्रमण के खतरे को देखते हुए सभी को तुरंत राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH), पूर्णिया रेफर कर दिया। फिलहाल सभी का इलाज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जारी है, जहाँ डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस घटना के बाद से इलाके के किसानों और मजदूरों में दहशत का माहौल है।