ममता की 'एयर स्ट्राइक': जब अंडों के शिकार पर निकले सांप को कौओं ने आसमान में सिखाया सबक!

एक हैरान कर देने वाला वाकया सबौर प्रखंड की चंधेरी पंचायत (मिर्जापुर गांव, वार्ड 7) में देखने को मिला, जहां अपने आशियाने और अजन्मे बच्चों (अंडों) को बचाने के लिए कौओं के एक झुंड ने एक खूंखार शिकारी को ऐसा सबक सिखाया जिसे वह जिंदगी भर नहीं भूलेगा.

ममता की 'एयर स्ट्राइक': जब अंडों के शिकार पर निकले सांप को कौओं ने आसमान में सिखाया सबक!

सांप और कौआ की लड़ाई : कहते हैं कि बच्चों की सुरक्षा के लिए मां की ममता और पिता का साहस बड़ी से बड़ी ताकत को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर देता है. ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला वाकया सबौर प्रखंड की चंधेरी पंचायत (मिर्जापुर गांव, वार्ड 7) में देखने को मिला, जहां अपने आशियाने और अजन्मे बच्चों (अंडों) को बचाने के लिए कौओं के एक झुंड ने एक खूंखार शिकारी को ऐसा सबक सिखाया जिसे वह जिंदगी भर नहीं भूलेगा.
बिजली के पोल पर 'हाई-वोल्टेज' ड्रामा
शुक्रवार की सुबह मिर्जापुर गांव में तब सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों की नजर एक ऊंचे सीमेंटेड बिजली के पोल पर पड़ी. पोल के सबसे ऊपरी हिस्से पर कौओं का एक घोंसला था. एक लंबा, फुर्तीला और भूखा सांप रेंगते हुए उस ऊंचाई तक जा पहुंचा था. सांप की नीयत घोंसले में रखे कौओं के अंडों पर डाका डालने की थी. वह घोंसले में मुंह गड़ाए अंडों को निगलने की तैयारी में ही था कि कुदरत का खेल पलट गया.
कौओं का 'इमरजेंसी कॉल' और चौतरफा हवाई हमला
अपने होने वाले बच्चों को मौत के मुंह में जाते देख घोंसले के मालिक (कौए के जोड़े) ने हार मानने के बजाय हवा में चीखना-चिल्लाना शुरू किया. यह उनकी प्रजाति का एक 'इमरजेंसी कॉल' था. देखते ही देखते पलक झपकते ही चार-पांच लड़ाकू विमानों की तरह कौए वहां इकट्ठा हो गए.
इसके बाद आसमान में जो हुआ, उसने ग्रामीणों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया. कौओं ने सांप पर चौतरफा हवाई हमला (Air Strike) बोल दिया. अमूमन सांप को देखकर दूर भागने वाले इन पक्षियों ने अभूतपूर्व साहस दिखाया और अपनी नुकीली चोंच (लोल) से सांप के फन और पूरे शरीर पर ताबड़तोड़ प्रहार करने शुरू कर दिए.
पस्त हुआ शिकारी, जान बचाकर भागा
कौओं के इस जानलेवा और तीखे हमलों से सांप बुरी तरह सकपका गया. हवा में पैंतरे बदलते कौओं की मार के आगे उस जहरीले शिकारी की एक न चली. चोंच की मार से लहूलुहान होकर सांप को समझ आ गया कि यहाँ टिके रहने का मतलब है मौत. आखिरकार, अंडों का लालच छोड़ सांप ने घोंसले से मुंह निकाला और जान बचाकर पोल से नीचे उतरने लगा.
नीचे उतरकर जैसे ही सांप झाड़ियों में ओझल हुआ, तब जाकर कौओं के झुंड ने राहत की सांस ली और अपने आशियाने की सुरक्षा में वापस तैनात हो गए.
ग्रामीणों के लिए बनी 'ममता और एकजुटता' की मिसाल
यह पूरी घटना दिनभर गांव में चर्चा का विषय बनी रही. कई लोगों ने इस हैरतअंगेज लड़ाई को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया. ग्रामीणों का कहना था कि यह वाकया इस बात का जीवंत प्रमाण है कि इंसान हो या पशु-पक्षी, अपने बच्चों की रक्षा के लिए माता-पिता किसी भी हद तक जा सकते हैं. एक छोटे से पक्षी ने अपनी ममता और 'टीम वर्क' के दम पर इतने बड़े शिकारी को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.