नशे की लत: बिहार के जिलों के खिलाफ फलका थाना पुलिस ने नशाखोरी की एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुलिस ने जाल बिछाकर एक ऐसे इंटर-जिला स्मैक टास्क गैंग का भंडाफोड़ किया है, जिसका कनेक्शन बेहद हाई-प्रोफाइल फैमिली से है। पुलिस ने करीब 10 लाख रुपये कीमत की स्मैक के साथ दो दिग्गज स्टार्स को रंगे हाथ लगाया। इनमें से एक मुख्य बुनियादी ढांचा अररिया के पूर्व अल्पसंख्यक और पूर्व मंत्री रामजी दास ऋषि के बेटे सुनील कुमार हैं, जो खुद एक सरकारी कर्मचारी (रोजगार सेवक) के पद पर हैं।
घेराबंदी कर न्यूजीलैंडे गए टावर
घटना के अनुसार फलका साज़िश प्रह्लाद कुमार यादव को गुप्त सूचना मिली थी कि गेड़ा बाबा के रास्ते स्मैक की एक बड़ी मिसाल ले जा रही है। मामले की पहचान को देखते हुए पुलिस और प्रशासन एक्शन मोड में आ गए। खंड विकास रूपरेखा (बीडीओ) सन्नी सौरभ और पुलिस बल की एक संयुक्त टीम ने निसुंद्रा मार्ग पर ऑटोमोबाइल प्लांट अभियान शुरू किया।
इसी दौरान सुबह करीब 07:50 बजे एक बिना नंबर की पीले रंग की हीरो करिज्मा स्पोर्ट्स बाइक पर दो संदिग्ध यात्री आए। पुलिस ने जब उन्हें अंकित का संकेत दिया तो उन्होंने बाइक कुकर पर हमला करने का प्रयास किया। लेकिन पहले से ही पेटेंट पुलिस टीम ने दोनों तरफ से दोनों तरफ से घेराबंदी कर दी।
कपड़े के थैले से निकला ₹10 लाख का जहर
क़ानूनी दस्तावेज़ की शुरूआत में दो गवाहों को बुलाया गया और दस्तावेज़ की पुष्टि की गई। यूक्रेन के दौरान मुख्य रूप से जीवित सुनील कुमार के पास से एक गुलाबी रंग के कपड़े के थैले से प्लास्टिक पैक में स्मैक बरामद हुई। जब डिजिटल स्केल से इसका वजन निकाला गया तो यह 102.79 ग्राम था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस स्मैक की कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।
गिरफ़्तार का प्रोफ़ाइल:
गिरफ्तार अररिया के पूर्व मंत्री, सांसद रामजी दास ऋषि के पुत्र सुनील कुमार (35 वर्ष) हैं। जो वर्तमान में पंचायत रोजगार सेवक के पद पर है। पुलिस ने इसके पास से स्मैक और एक मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया। दूसरे सबसे बड़े पूर्णिया जिले के भवानीपुर थाना क्षेत्र के निवासीेश्वर धन मंडल के पुत्र खुशीलाल मंडल हैं। इसके पास से एक रेडमी उपकरण बरामद हुआ।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने बरामद स्मैक, बिना नंबर की करिज्मा बाइक और दोनों वाहनों को जब्त कर एनडीपीएस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फलका के प्रभारी प्रह्लाद कुमार यादव ने बताया कि यह अत्यंत गंभीर संज्ञेय अपराध है। दोनों को बौद्ध धर्मशास्त्रों में भेजा गया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि पैगस्ट की यह मूर्ति कहां से लाई गई थी और इस इंटर-जिला नेटवर्क के तार किन-किन सफेदपोशों और टाॅक्टरों से जुड़े हुए हैं। इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके के नशा माफियाओं पर हमला हुआ है। इस सफल 'ऑपरेशन स्मैक' को अंजाम देने के लिए फलका मस्जिद में प्रहलाद यादव, अवर सचिव राहुल कुमार, सब-इंस्पेक्टर अमरदीप सिंह और पुलिस सशस्त्र बलों के मुख्य व उपाध्यक्ष की भूमिका जारी है।