कैबिनेट का बड़ा फैसला: बिहार के 11 सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री को हरी झंडी; भू-स्वामियों को मिली बड़ी राहत

बिहार सरकार ने राज्य के 11 प्रमुख शहरों में बनने वाले ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों के जमीन मालिकों (रैयतों और किसानों) को एक बहुत बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन अधिसूचित क्षेत्रों के भीतर जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी पूर्ण रोक को हटाने और इसके लिए नियमों में ढील देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

कैबिनेट का बड़ा फैसला: बिहार के 11 सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री को हरी झंडी; भू-स्वामियों को मिली बड़ी राहत

पटना: बिहार सरकार ने राज्य के 11 प्रमुख शहरों में बनने वाले ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों के जमीन मालिकों (रैयतों और किसानों) को एक बहुत बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन अधिसूचित क्षेत्रों के भीतर जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी पूर्ण रोक को हटाने और इसके लिए नियमों में ढील देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के इस फैसले से अब इन इलाकों के किसान और भू-स्वामी जरूरत पड़ने पर अपनी जमीन बेच सकेंगे।

क्यों लिया गया यह संवेदनशील फैसला?
इससे पहले सरकार ने इन 11 शहरों के मास्टर प्लान और विकास प्रारूप तैयार होने तक जमीन की खरीद-बिक्री और किसी भी तरह के निजी निर्माण पर अगले तीन सालों के लिए रोक लगा दी थी। इस रोक के कारण स्थानीय ग्रामीणों और किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। लोग अपनी ही जमीन होने के बावजूद बच्चों की उच्च शिक्षा, बेटियों की शादी या गंभीर बीमारी के इलाज जैसे आपातकालीन हालातों में भी उसे बेच नहीं पा रहे थे।
जनता की इसी व्यावहारिक परेशानी और चौतरफा मांग को देखते हुए सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए नियमों में संशोधन किया है, ताकि विकास कार्य भी न रुके और आम जनता को आर्थिक तंगी का सामना भी न करना पड़े।
अब कौन होगा खरीदार? सरकार ने तय किए 3 रास्ते
अधिसूचित टाउनशिप क्षेत्रों में अव्यवस्थित  विकास और अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए आम प्रॉपर्टी डीलरों या बाहरी व्यक्तियों को सीधे जमीन खरीदने की अनुमति अभी भी नहीं होगी। सरकार ने जमीन मालिकों को राहत देने के लिए तीन विशिष्ट खरीदारों/माध्यमों को अधिकृत किया गया है।
1.यदि किसी भू-स्वामी को तत्काल पैसे की आवश्यकता है, तो वह सीधे बिहार राज्य आवास बोर्ड को अपनी जमीन बेच सकता है। आवास बोर्ड को इसके लिए अधिकृत कर दिया गया है।
2. सरकारी विकास प्राधिकार  टाउनशिप के भीतर सड़क, ड्रेनेज, पार्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं  के निर्माण के लिए संबंधित सरकारी एजेंसियां किसानों से सीधे जमीन का अधिग्रहण  कर सकेंगी।
3. राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) द्वारा जिन कंपनियों या निवेशकों के प्रोजेक्ट्स को इस क्षेत्र के लिए मंजूरी मिली है, वे उद्योग या विशिष्ट परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से सीधे जमीन खरीद या लीज (पट्टे) पर ले सकेंगे।
इन 11 शहरों में चमकेगी किस्मत
बिहार के जिन 11 शहरों के बाहरी इलाकों को सैटेलाइट टाउनशिप के रूप में विकसित किया जा रहा है, उनमें शामिल हैं
पटना (पाटलिपुत्र टाउनशिप),सोनपुर (हरिहरनाथपुरम - एरोसिटी हब),गया (मगध टाउनशिप - सांस्कृतिक व धार्मिक हब),मुजफ्फरपुर (तिरहुत टाउनशिप),दरभंगा (मिथिला टाउनशिप),भागलपुर (विक्रमशिला टाउनशिप),पूर्णिया, छपरा, सीतामढ़ी, सहरसा और मुंगेर।
जमीन मालिकों को डबल फायदा
इस योजना के तहत सरकार लगभग 800 से 1200 एकड़ में आधुनिक शहर बसा रही है। 'लैंड पुलिंग मॉडल' के तहत, जब यह टाउनशिप पूरी तरह विकसित हो जाएगी, तब कुल विकसित भूमि का 55% हिस्सा वापस मूल जमीन मालिकों को सौंप दिया जाएगा। चूंकि विकसित जमीन की कीमत कई गुना बढ़ जाएगी, इसलिए भविष्य में ये किसान और भू-स्वामी अत्यधिक समृद्ध हो सकेंगे। बाकी 22% हिस्सा सड़कों के लिए और 15% हिस्सा विकास करने वाली एजेंसी के पास रहेगा। इस मेगा प्रोजेक्ट से राज्य में करीब 5 लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।