सुपौल में खौफनाक खुलासा: 1 साल से बंधक नौ साल की मासूम मुक्त; बड़ी बहन की सूझबूझ से बची जान, मां को बेचने की आशंका
बिहार के सुपौल से दिल दहला देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां जिला मुख्यालय के कृष्णापुरी मोहल्ले (वार्ड नंबर 04) में एक बंद मकान से पुलिस ने नौ साल की मासूम बच्ची को सकुशल बरामद किया है। यह मासूम अपनी मां और दो बहनों के साथ पिछले एक साल से लापता थी।
सुपौल: बिहार के सुपौल से दिल दहला देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां जिला मुख्यालय के कृष्णापुरी कॉलोनी (वार्ड नंबर 04) के एक बंद मकान से पुलिस ने नौ साल की मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया है. यह मासूम अपनी मां और दो बहनों के साथ पिछले एक साल से लापता थी। इस पूरी किताब की सूची तब सामने आई, जब बच्ची की बड़ी बहन ने किसी तरह के चमत्कारी भाग से लेकर अपनी को आपबीती सुनाई। हालाँकि, बच्चों की माँ का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
बड़ी बहन की मासूमियत से 'टार्चर रूम' का ताला
कौशली पट्टी के रहने वाले पीड़ित पिता पत्नी अपनी और तीन बेटियों की तलाश में पिछले एक साल से भटक रहे थे। उन्होंने पिपरा स्टेशन में गुम्बशुदगी की दुकान भी दर्ज कराई थी। दोनों बेटियों को कृष्णापुरी में दिनेश यादव नामक व्यक्ति के मकान में बंधक बनाकर रखा गया था, जहां एक अज्ञात महिला और पुरुष किराएदार के रूप में रहते थे।
मंगलवार को बड़ी बहन की एक झलक दिखाई दी और किसी तरह वहां से भाग लिया। उन्होंने एक स्थानीय विद्वानों के फोन से अपने कैसल को इस बस्ती के बारे में बताया। सूचना सूचना ही होटल में आ गई। इसी बीच एक अंजान नंबर से भी फोन आया, जिसने पुष्टि की कि उनकी छोटी बेटी अभी भी उसी मकान में बंद है। इन्वेस्टमेंट ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
विंडो से डेटेक्ट हुए मासूम ने बयां किया दर्द, मां की मां की शक की
सूचना मिलती है पिपरा स्कॉर्पियो पुलिस बल के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका में। मकान के बाहर बड़ा ताला लटका हुआ था। करीब दो घंटे के इंतजार के बाद जब वहां रहने वाली किरायेदार किराएदार महिला सांपला में रहने लगी तो पुलिस ने दरवाजा खटखटाया और बच्ची की पहचान कर ली।
मुक्त कराए गए नौ साल की मासूम के शव पर बर्बरता के साफ निशान हैं। उसकी आँख के नीचे और पिछवाड़े की आँखों के नीचे गंभीर चोटें हैं। पुलिस के दरवाजे से पहले मासूम ने खिड़की से निकले पड़ोसियों को बताया कि सालों भर से कोचिंग चल रही है। बच्ची ने एक बेहद करीबी दोस्त पर आरोप लगाते हुए कहा- ''मम्मी को भी यहां चार-पांच दिन तक रखा गया था, जिसके बाद तीनों ने उन्हें कहीं और बेच दिया। रिज़ाइशी इलाक़े में महीनों से चल रहे इस काले खेल के साँप में ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों में गहरी दिलचस्पी देखी गई
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पुलिस ने मासूमियत से काम लेते हुए लोगों को शांत फ्लैट में डाल दिया।
पकड़ी गई पकड़ी गई महिला का दावा है कि बच्चों की मां ही छह महीने पहले अपनी दोनों बेटी को उसके पास से कहीं ले गई थी। हालाँकि, पुलिस इस थ्योरी पर विश्वास नहीं करती है। पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। विशाखा ने बताया कि पीड़ित अपराधी की अदालत में धारा 164 के तहत बयान दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गहन जांच के बाद ही इस पूरे नेक्सस और मां के शेयर का पता चल सका।