आईबी (IB) का फर्जी अफसर बनकर लोगों को ठगने वाला गिरफ्तार; यूपी का रहने वाला है शातिर आरोपी
खुद को खुफिया विभाग (Intelligence Bureau - IB) का बड़ा अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले एक शातिर ठग को पुलिस ने रंगे हाथों धर दबोचा है। कटिहार जिले के कोढ़ा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सोमवार को गिरफ्तार किया.
कटिहार (बिहार): खुद को खुफिया विभाग (Intelligence Bureau - IB) का बड़ा अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले एक शातिर ठग को पुलिस ने रंगे हाथों धर दबोचा है। कटिहार जिले के कोढ़ा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सोमवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।
फर्जी दस्तावेज और नकली ईमेल आईडी से जीतता था भरोसा
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 29 वर्षीय अजहर अंसारी के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रेवतीपुर थाना अंतर्गत उत्रौली का रहने वाला है (पिता का नाम- अलाउद्दीन)।पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी ने आईबी (IB) के नाम पर फर्जी ईमेल आईडी बना रखी थी, जिससे वह लोगों को आधिकारिक संदेश भेजता था।
नकली विधिक कागजात
वह कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से फर्जी सरकारी व कानूनी दस्तावेज तैयार करता था ताकि लोग उसे सचमुच का अधिकारी मान लें।गोपनीय दस्तावेजों की नकल से लोगों का भरोसा जीतने के लिए वह विभाग के नकली 'गोपनीय दस्तावेज' भी दिखाता था।
पुलिस टीम की मुस्तैदी से चढ़ा हत्थे
इस पूरे मामले का पर्दाफाश कोढ़ा थानाध्यक्ष कुणाल कुमार के नेतृत्व में बनी टीम ने किया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर (SI) विवेक विक्रम और एसआई गोपाल कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने आरोपी के पास से कई संदिग्ध डिजिटल साक्ष्य और जाली दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस का बयान: "आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। हमें आशंका है कि इस ठगी नेटवर्क के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। हम यह पता लगा रहे हैं कि उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे कितनी रकम वसूली है।"
पुलिस की जनता से अपील
कोढ़ा पुलिस ने इस घटना के बाद आम नागरिकों के लिए एक जरूरी सलाह जारी की है। यदि कोई भी व्यक्ति खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी या जांच एजेंसी का सदस्य बताकर आपसे संपर्क करता है, तो तुरंत उस पर भरोसा न करें। संबंधित विभाग या स्थानीय स्तर पर उसकी पहचान की जांच जरूर करें। अगर आपको किसी भी व्यक्ति की गतिविधियों पर शक होता है, तो बिना देर किए अपने नजदीकी थाने या पुलिस हेल्पलाइन को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी सतर्कता किसी को बड़ी ठगी का शिकार होने से बचा सकती है।